बिहार चुनाव में ‘टीम तेज प्रताप’ की एंट्री, पांच क्षेत्रीय दलों के साथ मोर्चा बनाकर महुआ से लड़ेंगे चुनाव

न्यूज डेस्क पटना:

परिवार और पार्टी से अलग होने के बाद पूर्व मंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अब पूरी तरह ‘आर-पार’ के मूड में नजर आ रहे हैं। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने एक नया राजनीतिक मंच ‘टीम तेज प्रताप’ बनाया है। पटना के एक फाइव स्टार होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेज प्रताप ने इस मोर्चे की घोषणा करते हुए कहा कि यह गठबंधन बिहार में सामाजिक न्याय, सामाजिक अधिकार और व्यापक बदलाव के एजेंडे पर काम करेगा।

तेज प्रताप यादव के इस मोर्चे में पांच छोटे लेकिन सक्रिय क्षेत्रीय दल शामिल हैं—

  1. विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी) – प्रदीप निषाद के नेतृत्व में, जो कभी मुकेश सहनी के बेहद करीबी और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) में महत्वपूर्ण पद पर थे, लेकिन बगावत कर अपनी अलग पार्टी बनाई। मल्लाह समाज से आने वाले प्रदीप निषाद ‘हेलिकॉप्टर बाबा’ के नाम से भी चर्चित हैं।
  2. भोजपुरिया जन मोर्चा (बीजेएम) – अध्यक्ष भरत सिंह। यह संगठन पहले भोजपुर राज्य की मांग को लेकर सक्रिय था और 2023 में राजनीतिक दल के रूप में अस्तित्व में आया।
  3. प्रगतिशील जनता पार्टी (पीजेपी) – अध्यक्ष मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव, पेशे से वकील, मूल रूप से छपरा के निवासी।
  4. वाजिब अधिकार पार्टी – अध्यक्ष विद्यानंद राम, जिन्होंने नीतीश कुमार का साथ छोड़कर यह पार्टी बनाई।
  5. संयुक्त किसान विकास पार्टी – किसानों के मुद्दों पर केंद्रित संगठन, जो अब राजनीतिक दल के रूप में चुनावी मैदान में है।

तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि भले ही उन्होंने अपनी अलग पार्टी नहीं बनाई है, लेकिन यह मोर्चा पूरी तरह स्वतंत्र होगा और किसी के दबाव में काम नहीं करेगा। उन्होंने आरजेडी और कांग्रेस को इस गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया, जबकि बीजेपी और जेडीयू के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया। उनका कहना था कि इन दोनों दलों से उनके वैचारिक मतभेद हैं और वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते।

महुआ सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि वह यहां के पूर्व विधायक रह चुके हैं और इस क्षेत्र में विकास के कई काम किए हैं। उन्होंने बताया कि पिछली बार राजनीतिक परिस्थितियों के चलते महुआ सीट आरजेडी विधायक मुकेश रौशन को दी थी, लेकिन इस बार वह खुद मैदान में उतरेंगे। तेज प्रताप निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपने मोर्चे के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे।

गठबंधन की घोषणा के दौरान मंच पर शामिल सभी पांचों दलों के अध्यक्ष और महासचिव मौजूद थे। तेज प्रताप ने कहा कि यह मोर्चा डॉ. राम मनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर और जयप्रकाश नारायण के आदर्शों पर चलेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में चुनाव आमतौर पर दो ध्रुवीय मुकाबले—एनडीए बनाम महागठबंधन—में सिमट जाते हैं। ऐसे में छोटे दलों का प्रभाव सीमित रहता है। तेज प्रताप के इस नए मोर्चे के सामने चुनौती होगी कि वह अपने राजनीतिक आधार को कितना बढ़ा पाते हैं। हालांकि, तेज प्रताप और प्रदीप निषाद जैसे बागी नेताओं का एक साथ आना, चुनाव में एक नया समीकरण जरूर पैदा कर सकता है।

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