News Desk Supaul:
जिले के समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में गुरुवार को मनरेगा एवं जल संसाधन विभाग से संबंधित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त, सुपौल सारा अशरफ ने की।
बैठक में मनरेगा के अंतर्गत जल संसाधन विभाग से जुड़ी 20 घनसेक अथवा उससे कम जल स्राव वाली लघु नहरों, उप-लघु नहरों एवं जलवाहों के पुनर्स्थापना एवं जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही मनरेगा तथा जल-जीवन-हरियाली अभियान से संबंधित अन्य अवयवों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के सुपौल प्रक्षेत्र अंतर्गत सिंचाई प्रमंडल सहरसा, राघोपुर, वीरपुर, त्रिवेणीगंज एवं मुरलीगंज के सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता उपस्थित रहे। वहीं मनरेगा के सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक एवं पंचायत रोजगार सेवक भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक के दौरान जल संसाधन से संबंधित बीसी/चैनल के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रखंडवार समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में उप विकास आयुक्त सारा अशरफ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में शेष बचे बीसी/चैनल के जीर्णोद्धार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके और किसानों को इसका लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त मनरेगा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी कार्य में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत शेष बचे लक्ष्यों, विशेष रूप से चापाकल के किनारे सोखता निर्माण तथा सार्वजनिक पोखर एवं तालाबों के जीर्णोद्धार कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
इस समीक्षा बैठक में निदेशक एनईपी डीआरडीए, डीपीओ मनरेगा तथा जल-जीवन-हरियाली मिशन (JJHM) के डीएमएम (वाईपी) भी उपस्थित थे।







