Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित सौगात जल्द मिलने वाली है। न्यू झाझा जंक्शन से बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन (सरायगढ़ बायपास) तक नवनिर्मित रेलखंड का 16 जनवरी को सीआरएस निरीक्षण किया जाएगा। सीआरएस निरीक्षण के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ हो जाएगा।

यह नया रेल बाईपास सुपौल जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके चालू होने से न सिर्फ जिले बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र को सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा। लंबे समय से इस रेलखंड के शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार न्यू झाझा जंक्शन से बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन के बीच तैयार की गई इस नई रेल बाईपास लाइन पर रेल पटरी बिछाने, सिग्नलिंग सिस्टम, ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायरिंग और सुरक्षा से जुड़े कार्य पूरे कर लिए गए हैं। शेष बचे औपचारिक कार्य भी लगभग समाप्ति की ओर हैं।

सूत्रों ने बताया कि सीआरएस निरीक्षण के बाद सबसे पहले इस रेलखंड पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू किया जाएगा। मालगाड़ियों के सफल परिचालन के बाद चरणबद्ध तरीके से यात्री ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। रेलवे की संभावित योजना के तहत इस नए रूट से कुछ लंबी दूरी की महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों को भी चलाया जा सकता है।
संभावना जताई जा रही है कि सहरसा–बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन–न्यू झाझा जंक्शन–निर्मली–दरभंगा मार्ग के जरिए कई नई और मौजूदा ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकता है। इससे सुपौल जिले के लोगों को दरभंगा, सहरसा, झाझा सहित कई प्रमुख रेल जंक्शनों से सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक रेलवे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि स्थानीय सांसद द्वारा इस रेलखंड पर अधिक से अधिक यात्री ट्रेनों के परिचालन को लेकर रेल मंत्री से मांग भी की गई है, ताकि सुपौल जिले को बेहतर और व्यापक रेल सुविधाएं मिल सकें। सांसद ने इस परियोजना को कोसी क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।







