सुपौल: सरस्वती पूजा को लेकर तैयारियाँ पूर्ण, कल श्रद्धा और भक्तिभाव से होगा पूजन

Report: A.K Chaudhary

विद्या, बुद्धि और वाणी की देवी माँ सरस्वती की पूजा को लेकर क्षेत्र में सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। कल श्रद्धा और उल्लास के साथ सरस्वती पूजा मनाई जाएगी। स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों एवं मोहल्लों में स्थापित पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

पूजा को लेकर खासकर छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आज दिनभर प्रतिमा स्थापना, पंडाल सजावट, विद्युत साज-सज्जा और पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर बाजारों में भीड़ रही। फूल, अगरबत्ती, दीप, प्रसाद और सजावटी सामानों की दुकानों पर चहल-पहल देखने को मिली।

कई आयोजक समितियों द्वारा बताया गया कि पूजा के दौरान विधि-विधान से आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण किया जाएगा। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है। वहीं, प्रशासन की ओर से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि पूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

तैयार किया जा रहा है मंडप

इधर, बाजार में रेडीमेड मूर्तियों के आने से स्थानीय मूर्तिकारों को उचित मुनाफा नहीं होने के साथ ही प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई है। मूर्तिकारों ने बताया कि पहले की अपेक्षा वर्तमान में मूर्तिकारों की स्थिति दयनीय है। हालांकि, पुरानी परंपरा को आज भी आगे बढ़ाने का काम वे कर रहे हैं, लेकिन लागत और मेहनत के अनुसार मुनाफा नहीं मिल पाता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि मूर्ति निर्माण के बाद उसकी बिक्री नहीं हो पाती है। जिसके कारण अगले वर्ष तक मूर्ति बेचने का इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान कई मूर्तियां नष्ट हो जाती है जिसका नुकसान उन्हें वहन करना पड़ता है।

पश्चिम बंगाल के रायगंज जिले के रहने मूर्तिकार प्रशांत पाल ने बताया कि सरस्वती पूजा को लेकर एक माह पूर्व से मूर्ति बनाने का काम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि गणपतगंज में वे करीब 26 वर्षों से मूर्ति का निर्माण करते आ रहे है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को होने वाले सरस्वती पूजा के लिए मूर्तियों को अब अंतिम रूप दे दिया गया है। बताया कि इस बार पहले की अपेक्षा मूर्तियों के लिए अग्रिम बुकिग पहले ही हो गयी है।

कुल मिलाकर, सरस्वती पूजा को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और लोग पूरे उत्साह के साथ कल के आयोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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