Report: A.K Chaudhary
जिले के राघोपुर प्रखंड के हरिपुर पंचायत भवन में सोमवार की देर रात अचानक लगी भीषण आग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पंचायत भवन के आगे का पूरा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर जुट गए और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक पंचायत भवन को भारी नुकसान हो चुका था।

ग्रामीणों के अनुसार, रात में अचानक पंचायत भवन से आग की लपटें उठती देख लोग दौड़ पड़े। सूचना पाकर राघोपुर बीडीओ तथा राघोपुर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आगलगी की इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने इसे महज हादसा मानने से इनकार करते हुए जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका जताई है।
महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान जलकर राख
हरिपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जमील अनवर उर्फ तुन्ना ने बताया कि सोमवार की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि पंचायत भवन में आग लगी है। जब तक वे और अन्य लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। उन्होंने बताया कि आगलगी की इस घटना में पंचायत भवन में रखे कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य सामान जलकर राख हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि गणतंत्र दिवस के झंडोत्तोलन कार्यक्रम को लेकर टेंट के लिए सैकड़ों कुर्सियां भाड़े पर लाई गई थीं, जिन्हें अस्थायी रूप से पंचायत भवन में रखा गया था। आग लगने से वे सभी कुर्सियां भी पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। बताया कि आग लगने से लाखों रुपए का क्षति हुआ है।

साजिश के संकेत, मौके से बरामद हुए संदिग्ध सामान
मुखिया प्रतिनिधि के अनुसार यह आग दुर्घटनावश नहीं बल्कि अज्ञात लोगों द्वारा जानबूझकर लगाई गई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से कुछ चप्पल और पेट्रोल लगी बोतल भी बरामद हुई है, जिससे आगजनी की साजिश की आशंका जतायी जा रही है।

प्रशासन और पुलिस का बयान
मामले में राघोपुर बीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। प्रारंभिक तौर पर यह मामला असामाजिक तत्वों द्वारा आग लगाए जाने का प्रतीत होता है। वही राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है, आवेदन मिलने पर जांच की जाएगी।

पंचायत कार्य प्रभावित होने की आशंका
इस आगलगी की घटना के बाद पंचायत के दैनिक कार्यों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन में रखे जरूरी कागजात और संसाधनों के नष्ट हो जाने से विकास कार्यों और प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है।







