Report: A.K Chaudhary
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत आवंटित राशि के उपयोग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एबीवीपी का आरोप है कि पीएम-उषा योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय को प्राप्त लगभग 44 लाख रुपये की राशि का उपयोग शैक्षणिक उन्नयन के बजाय ऐसे कार्यक्रमों पर किया जा रहा है, जिनसे विभाजनकारी और उग्र विचारधाराओं को बढ़ावा मिलता है। संगठन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षा के मंदिर में इस प्रकार की गतिविधियाँ स्वीकार्य नहीं हैं।
एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री शिवजी कुमार ने कहा कि एक ओर जहाँ पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएँ सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय द्वारा बांग्लादेश से जुड़े वक्ताओं को आमंत्रित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की सोच पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि क्या ऐसे वक्ता बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ खुलकर बोलेंगे, यह एक बड़ा प्रश्न है। एबीवीपी ऐसे किसी भी प्रयास का विरोध करेगी जो राष्ट्रीय भावनाओं के विपरीत हो।
वहीं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भवेश झा ने कहा कि बिहार ज्ञान और संस्कृति की पावन भूमि रही है, जहाँ किसी भी प्रकार की उग्र, संकीर्ण या समाज को बाँटने वाली विचारधाराओं को बढ़ावा देना अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश और फिलिस्तीन जैसे देशों से वक्ताओं को बुलाने का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन की मानसिकता को दर्शाता है। भवेश झा ने यह भी कहा कि जब पूरा देश इन मुद्दों को लेकर संवेदनशील है, तब शिक्षा संस्थानों में इस प्रकार के कार्यक्रम गंभीर चिंता का विषय हैं।
इसी क्रम में एबीवीपी नेता सागर सत्या ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संगठन मांग करता है कि ऐसे सभी व्यक्तियों और गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक और स्पष्ट स्पष्टीकरण दे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो एबीवीपी राष्ट्रीय हित और शैक्षणिक गरिमा की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं निर्णायक आंदोलन करने को बाध्य होगी।
फिलहाल इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन या कुलपति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







