हसीनाओं की आड़ में शराब तस्करी की साजिश नाकाम, दानापुर रेल पुलिस ने ट्रेन से 11 महिला तस्करों सहित अंतर-जिला गिरोह को किया बेनकाब

News Desk Patna:

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है। तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर कानून को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के दिनों में शराब तस्करी का एक नया पैटर्न सामने आया है, जिसमें महिलाएं इस अवैध नेटवर्क का चेहरा बन रही हैं, ताकि शक की गुंजाइश कम रहे।

हालांकि दानापुर रेल पुलिस की सतर्कता के सामने यह रणनीति भी विफल हो गई। जीआरपी ने ट्रेनों के जरिए शराब की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतर-जिला गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में 11 महिला तस्करों के साथ एक कोच अटेंडेंट और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं साधारण वेशभूषा में सफर करती थीं और चेहरे पर नकाब लगाकर चलती थीं, जिससे आमतौर पर किसी को उन पर संदेह नहीं होता था। इसी बात का फायदा उठाकर शराब माफिया इन्हें दूसरे राज्यों से बिहार में शराब लाने के लिए इस्तेमाल कर रहा था। लेकिन विशेष जांच अभियान के दौरान रेल पुलिस ने इनकी गतिविधियों को भांप लिया और रंगे हाथों पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 95.01 लीटर विदेशी शराब, करीब 40 हजार रुपये नकद, 6 स्मार्टफोन और 5 की-पैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई रेल पुलिस अधीक्षक पटना अनंत कुमार राय के निर्देश पर मुगलसराय-दानापुर रेलखंड में चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई।

दानापुर रेल डीएसपी कंचन राज के नेतृत्व में पाटलिपुत्र रेल थाना और विशेष छापेमारी दल ने रात के समय चिन्हित ट्रेनों की गहन जांच की, जिसके दौरान इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार महिलाओं में से सात पहले भी शराब तस्करी के मामलों में जेल जा चुकी हैं।

डीएसपी कंचन राज ने बताया कि यह एक संगठित अंतर-जिला गिरोह है, जो महिलाओं को आगे कर ट्रेनों के माध्यम से शराब की आपूर्ति कर रहा था। सभी आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में तस्करों ने अपने नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी दी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

Leave a Comment

[democracy id="1"]