सख्त एक्शन मोड में सरकार: सीओ हड़ताल पर राजस्व विभाग का कड़ा रुख, ‘नो वर्क–नो पे’ लागू

News Desk Patna:

बिहार में अंचल अधिकारियों की हड़ताल को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हड़ताल पर गए अंचल अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रशासनिक कदम उठाए जाएं।

विभागीय आदेश के अनुसार, हड़ताल में शामिल सभी अंचल अधिकारियों से सरकारी वाहन तुरंत वापस लिए जाएंगे। इसके साथ ही उनके पास उपलब्ध डोंगल, जरूरी फाइलों की चाबियां और अन्य सरकारी संसाधन भी तत्काल जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि काम पर उपस्थित नहीं रहने वाले अधिकारियों पर ‘नो वर्क, नो पे’ का नियम सख्ती से लागू किया जाएगा।

गौरतलब है कि राजस्व सेवा संघ के आह्वान पर राज्यभर के अंचल अधिकारी सोमवार से हड़ताल पर हैं। विभाग ने इस आंदोलन को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अनुचित बताते हुए कहा है कि इस समय प्रशासनिक कामकाज में रुकावट जनहित के खिलाफ है।

हड़ताल के चलते आम लोगों के काम प्रभावित न हों, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तय की है। निर्देश में कहा गया है कि जिन अंचलों में सीओ अनुपस्थित हैं, वहां वरीय हल्का कर्मचारी को प्रभार सौंपा जाए, ताकि जमीन से जुड़े कार्य, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व मामलों का निष्पादन जारी रह सके।

उल्लेखनीय है कि विभागीय नियमों के तहत प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को अंचल स्तर पर जनता दरबार का आयोजन अनिवार्य है, लेकिन हड़ताल के कारण आज अधिकांश अंचलों में जनता दरबार नहीं हो सका। इससे आम नागरिकों के कार्य लंबित होने की संभावना जताई जा रही है।

राजस्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में सरकारी कार्य बाधित न हों। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार के इस सख्त रुख का अंचल अधिकारियों की हड़ताल पर क्या असर पड़ता है।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री भी लापरवाही बरतने वाले अंचल अधिकारियों पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं और उन्हें स्पष्ट चेतावनी दे चुके हैं।

Leave a Comment

[democracy id="1"]