News Desk Patna:
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा मंगलवार से राज्यभर में शुरू हो गई, लेकिन पहले ही दिन कई जिलों से अव्यवस्था और हंगामे की घटनाएं सामने आईं। निर्धारित समय के बाद प्रवेश बंद होने से नाराज परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने विरोध जताया, वहीं कुछ स्थानों पर छात्रों को दीवार या गेट फांदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश करते देखा गया।
इस वर्ष परीक्षा में कुल 15,12,687 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 7,85,726 छात्राएं हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है — पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक। बोर्ड के निर्देशानुसार परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले प्रवेश की अनुमति और आधे घंटे पहले गेट बंद करने का नियम लागू किया गया है।
पटना में प्रवेश को लेकर विवाद
राजधानी पटना के कई परीक्षा केंद्रों पर देर से पहुंचे विद्यार्थियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। मिलर स्कूल केंद्र पर कुछ छात्रों ने ऊंची दीवार पार कर अंदर पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और बाहर कर दिया। राजेंद्र नगर स्थित एक अन्य केंद्र पर भी छात्राएं प्रवेश की अनुमति मांगती रहीं, पर नियमों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश नहीं मिला। पटना जिले में कुल 71,022 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
भोजपुर में हंगामा और पुलिस कार्रवाई
भोजपुर जिले के आरा में 36 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू हुई। एक केंद्र पर देर से पहुंची छात्रा को प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों ने गेट खोलने की कोशिश की। बाद में छात्रा को दीवार पार कर अंदर भेजा गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस के पहुंचने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
बेगूसराय में समय को लेकर भ्रम
बेगूसराय में कई परीक्षार्थी समय को लेकर भ्रमित रहे और देर से पहुंचे। कुछ छात्र-छात्राएं दीवार फांदकर केंद्र में दाखिल हुए, जबकि कुछ को अनुरोध के बाद प्रवेश मिला। जिले के 43 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 46 हजार परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। कदाचार रोकने के लिए दो स्तर पर जांच की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जबरन प्रवेश करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज में गेट फांदने की घटनाएं
गोपालगंज में भी पहले दिन देर से पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं मिलने पर गेट फांदने की घटनाएं सामने आईं। कुछ छात्राओं ने अधिकारियों से अनुमति मांगी, लेकिन असफल रहने पर साथियों की मदद से गेट पार कर अंदर पहुंचीं। जिले में कुल 43 हजार परीक्षार्थी शामिल हैं और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।







