सुपौल: NH-327E निर्माण में रैयतों का विरोध, प्रशासन की पहल से शुरू हुआ काम

सुपौल में NH-327E सड़क निर्माण भूमि मुआवजा विवाद के कारण रुका था, जिसे प्रशासन ने रैयतों से वार्ता कर सुलझाया और निर्माण कार्य फिर से शुरू कराया।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के सरायगढ़ से गणपतगंज तक बन रही NH-327E सड़क परियोजना रैयतों के विरोध के कारण बाधित हो गई थी। राघोपुर थाना क्षेत्र के चिकनापट्टी और भपटियाही थाना क्षेत्र के लालगंज में स्थानीय रैयतों द्वारा भूमि आवंटन और मुआवजे को लेकर आपत्ति जताते हुए सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों में जिला भूअर्जन पदाधिकारी सतीश रंजन, सदर एसडीएम मनोहर झा, बीरपुर एसडीएम नीरज कुमार और NHAI के एक्सक्यूटिव इंजीनियर सतेंद्र पाठक शामिल थे। अधिकारियों ने प्रभावित स्थलों का जायजा लिया और रैयतों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं।

मौके पर राघोपुर आरओ आकांक्षा कुमारी, राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय सहित भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि स्थिति नियंत्रित बनी रहे।

जिला भूअर्जन पदाधिकारी सतीश रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ रैयतों द्वारा भूमि से संबंधित जरूरी साक्ष्य देर से जमा किए गए हैं, जबकि कुछ लोगों का मुआवजा भुगतान अभी लंबित है, जो प्रक्रिया में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जाता है, जिसमें सामान्यतः 10 से 15 दिन का समय लगता है। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा निर्माण कार्य को बाधित किया गया था। प्रशासन की ओर से रैयतों को आश्वस्त किया गया कि उनका काम पूरा हो चुका है और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी का भुगतान कर दिया जाएगा।

वहीं, कुछ रैयतों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में उनकी जमीन आवश्यकता से अधिक ली जा रही है। इस पर सतीश रंजन ने कहा कि यदि किसी को ऐसा संदेह है तो वे संबंधित दस्तावेजों के साथ कार्यालय में आवेदन दें। जांच के बाद यदि अधिक भूमि अधिग्रहण की पुष्टि होती है तो उसका भी मुआवजा दिया जाएगा।

प्रशासन और रैयतों के बीच हुई बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके बाद दोनों स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना प्राथमिकता है, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।

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