न्याय की मांग को लेकर बेटे संग मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, चार घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा

सुपौल के सिमराही में न्याय की मांग को लेकर एक महिला अपने 12 वर्षीय पुत्र के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब चार घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन के आश्वासन पर मां-बेटा सुरक्षित नीचे उतरे। महिला ने पति द्वारा छोड़ दिए जाने और शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत सिमराही के वार्ड संख्या-4 स्थित एक मोबाइल टावर पर मंगलवार की अहले सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक महिला अपने 12 वर्षीय पुत्र के साथ टावर पर चढ़ गई। महिला के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। करीब चार घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के दौरान प्रशासन, पुलिस एवं स्थानीय लोगों ने महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों को लेकर अड़ी रही।

टावर पर चढ़ी महिला की पहचान मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र निवासी गुड्डी देवी के रूप में हुई है। महिला ने आरोप लगाया कि लगभग दस वर्ष पूर्व मोतीपुर निवासी अमरेंद्र ठाकुर से उसका प्रेम विवाह हुआ था। उस समय दोनों दिल्ली-गुरुग्राम में रहते थे। विवाह के बाद उनके एक पुत्र का जन्म हुआ, जिसकी उम्र वर्तमान में करीब 12 वर्ष है। महिला का आरोप है कि कुछ वर्षों तक साथ रहने के बाद उसके पति ने दूसरी शादी कर ली और उसे तथा उसके बेटे को बेसहारा छोड़ दिया।

गुड्डी देवी ने बताया कि पति द्वारा छोड़े जाने के बाद वह लगातार न्याय के लिए विभिन्न थानों, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उसने कहा कि वर्षों से न्याय की गुहार लगाने के बावजूद उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। इसी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाने का निर्णय लिया।

टावर पर चढ़ी महिला बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों से अपनी मांग दोहराती रही। उसका कहना था कि जब तक जिले के जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं घटनास्थल पर नहीं पहुंचेंगे और उसे न्याय दिलाने का स्पष्ट आश्वासन नहीं देंगे, तब तक वह अपने बेटे के साथ टावर से नीचे नहीं उतरेगी। महिला की जिद के कारण प्रशासन के सामने स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही।

घटना की जानकारी मिलते ही राघोपुर थाना पुलिस, सीओ रश्मि प्रिया एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिला से लगातार बातचीत कर उसे समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान महिला और उसके पुत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टावर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल को तैनात किया गया तथा लोगों को टावर के समीप जाने से रोका गया।

घटना को देखने के लिए आसपास के गांवों एवं बाजार क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। टावर के नीचे लोगों की भारी भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। कई लोग महिला को नीचे उतरने की अपील करते रहे, जबकि प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार उसे समझाने में लगे रहे।

करीब चार घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद अधिकारियों ने महिला को उसकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद महिला अपने पुत्र के साथ सुरक्षित नीचे उतरने को तैयार हुई। प्रशासन ने राहत की सांस ली और दोनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया।

घटना पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि महिला की शिकायतों का समय पर समाधान किया गया होता, तो उसे इस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर विरोध प्रदर्शन करने की नौबत नहीं आती। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Leave a Comment