Report: A.K. Chaudhary
सुपौल जिले नगर पंचायत सिमराही में एनएच-27 और एनएच-131 के किनारे अतिक्रमण की समस्या को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अतिक्रमण हटाने के बाद फिर से सड़क किनारे कब्जा किए जाने की शिकायतों पर वीरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और राघोपुर थानाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण मुक्त कराए गए स्थानों पर दोबारा कब्जा होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि अनुमंडल क्षेत्र में सरकारी जमीन, लोक भूमि, सैरात और सड़क की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए पहले भी अभियान चलाया जा चुका है। इसके बावजूद कई स्थानों पर ठेले लगाने, अस्थायी दुकानें खोलने और सामान रखकर दोबारा कब्जा करने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी स्थिति पर रोक लगाने के लिए नगर पंचायत, अंचल और थाना स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मालवाहक वाहनों की पार्किंग और दुकानों के आसपास सामान की लोडिंग-अनलोडिंग से यातायात प्रभावित हो रहा है। वहीं, सड़क किनारे ठेले और अस्थायी दुकानें लगने से जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
बताया गया है कि 17 अक्टूबर 2026 को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान संबंधित स्थानों को खाली कराया गया था। इसके बाद कुछ जगहों पर फिर से अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर सड़क की जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायत सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने अधिकारियों को अतिक्रमण हटाए गए स्थलों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है।
निर्देश के अनुसार, सड़क पर दोबारा अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अतिक्रमण मुक्त कराए गए स्थानों पर फिर से कब्जा नहीं हो। प्रशासन ने साफ किया है कि निर्देशों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।







