Report: A.K Chaudhary
विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना में बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। “विद्या की देवी तू दानी महान, महिमा तुम्हारी जो गाए जहान, हंस सवारी है मां शारदे” सहित विभिन्न भक्ति धुनों से सुबह से ही वातावरण गूंजता रहा।




सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर मां सरस्वती की भव्य प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।

सरस्वती पूजा को लेकर क्षेत्र में बीते पूर्व से ही तैयारियों का दौर शुरू हो गया था। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं पूरे उत्साह के साथ पूजा पंडाल निर्माण, सजावट एवं अन्य व्यवस्थाओं में जुटे हुए थे। गुरुवार की देर संध्या तक स्कूली बच्चे मूर्तिकारों के यहां से मां सरस्वती की प्रतिमा लाने, पूजा सामग्री की खरीदारी करने और पंडालों को अंतिम रूप देने में व्यस्त नजर आए।

शुक्रवार की अहले सुबह से ही जैसे ही पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई, विभिन्न पंडालों से बजते भक्ति गीतों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। नए-नए वस्त्र पहनकर छात्र-छात्राएं हर्षोल्लास के साथ अपने-अपने घरों से निकलते हुए माता के दर्शन हेतु विभिन्न पंडालों में घूमते नजर आए। बच्चों और अभिभावकों के चेहरों पर विशेष उत्साह और श्रद्धा साफ झलक रही थी।

निजी विद्यालयों में सरस्वती पूजा का नजारा कुछ अलग ही देखने को मिला। आकर्षक और कलात्मक डिजाइन वाले पंडालों के साथ-साथ विद्यालय परिसरों को भी बेहद भव्य तरीके से सजाया गया था। जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिमराही बाजार स्थित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षण संस्थान, द परफेक्ट इंग्लिश एकेडमी, पाटलिपुत्र सेंट्रल स्कूल, केम्ब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, डॉ राजेंद्र पब्लिक स्कूल, आवासीय हंसवाहिनी शिक्षण संस्थान।

गणपतगंज स्थित ग्रीनफील्ड पब्लिक स्कूल, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, बुद्धा वर्ल्ड एकेडमी, हिल्स पब्लिक स्कूल तथा निर्मली प्रखंड स्थित हंसवाहिनी विद्यासागर में विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चारण के बीच मां सरस्वती की पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा भाव से संपन्न कराई गई।




इस दौरान द परफेक्ट इंग्लिश एकेडमी, सिमराही में बांस से बने कमचे, पत्तों और हस्तनिर्मित डिजाइनों से सजाया गया पूजा पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

वहीं डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षण संस्थान में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। नृत्य, गीत, कविता पाठ और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने विद्या, संस्कृति और संस्कार का संदेश दिया।

इसके अलावा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कुल मिलाकर सरस्वती पूजा का यह पर्व क्षेत्र में शिक्षा, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता नजर आया, जिससे पूरा इलाका दिन भर भक्तिमय और उल्लासपूर्ण वातावरण में डूबा रहा।







