सुपौल: हंसवाहिनी विद्यासागर विद्यालय, निर्मली में सरस्वती पूजा के माध्यम से संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का अनूठा संगम

Report: A.K Chaudhary

जिले के निर्मली नगर पंचायत वार्ड संख्या 7 स्थित हंसवाहिनी विद्यासागर विद्यालय में इस वर्ष सरस्वती पूजा का आयोजन खास रहा। यह पूजा केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके माध्यम से बच्चों को मिथिला की संस्कृति, समाज की समस्याओं और देशभक्ति से जोड़ा गया।

विद्यालय परिसर को मिथिला की पारंपरिक संस्कृति और लोक जीवन के अनुसार सजाया गया था। सजावट में किसानों की समस्याओं और गांव की जीवनशैली को भी दिखाया गया, जिससे बच्चों को अपनी जड़ों को समझने का मौका मिला। आज के समय में धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही संस्कृति को बच्चों तक पहुँचाने का यह प्रयास काफी सराहनीय रहा।

सरस्वती पूजा के साथ 26 जनवरी को ध्यान में रखते हुए भारत माता की प्रतिमा भी लगाई गई। इससे बच्चों में देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता की भावना मजबूत हुई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल पूजा करना नहीं था, बल्कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार, संस्कृति और समाज की सच्चाइयों से परिचित कराना था।

विद्यालय के निदेशक गौतम कुमार नागमणि के नेतृत्व में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। खास बात यह रही कि सजावट और आयोजन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और उनके परिवार के सदस्यों ने मिलकर भाग लिया। सभी के सहयोग से की गई यह सजावट न केवल सुंदर थी, बल्कि बच्चों के लिए सीखने का एक अच्छा माध्यम भी बनी।

इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने जाना कि हमारी संस्कृति सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे समझना और अपनाना भी जरूरी है।

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