Report: A.K Chaudhary
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के तहत आवंटित राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मंगलवार को सुपौल और निर्मली में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दोनों स्थानों पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला दहन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पूरे मामले पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की।
सुपौल में यह प्रदर्शन एबीवीपी के जिला संयोजक राजेश गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना पीएम-उषा के अंतर्गत विश्वविद्यालय को प्राप्त लगभग 44 लाख रुपये की राशि का उपयोग अकादमिक विकास के बजाय कथित रूप से विवादित और विभाजनकारी विचारधाराओं से जुड़े वक्ताओं के कार्यक्रमों पर किया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री शिवजी कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार की ज्ञान परंपरा और शैक्षणिक मूल्यों के विपरीत ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा और शोध का केंद्र होना चाहिए, न कि वैचारिक टकराव और विवाद का मंच। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि पीएम-उषा जैसी राष्ट्रीय योजना की राशि किन उद्देश्यों पर और किन प्रक्रियाओं के तहत खर्च की गई।

वहीं, प्रदेश कार्य समिति सदस्य भवेश झा ने कहा कि ज्ञान की पावन भूमि बिहार में किसी भी प्रकार की उग्र, संकीर्ण या समाज को बांटने वाली मानसिकता को बढ़ावा देना अस्वीकार्य है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रंजीत झा ने कहा कि संगठन राजभवन और बिहार सरकार से मांग करता है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
वही जिला संयोजक राजेश गुप्ता ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्पष्ट शब्दों में मांग करती हैं ऐसे सभी व्यक्तियों और गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रकरण पर सार्वजनिक और स्पष्ट स्पष्टीकरण दे।
इसी मुद्दे को लेकर निर्मली में भी विरोध प्रदर्शन किया गया। निर्मली स्थित हरिप्रसाद साह महाविद्यालय के मुख्य गेट पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति का पुतला दहन किया। यहां एबीवीपी के विभाग संयोजक मिथिलेश यादव और नगर मंत्री नीतीश राणा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक और स्पष्ट जवाब देने की मांग की। नेताओं ने कहा कि यदि शीघ्र संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेगा।
विभाग संयोजक मिथिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) जैसी राष्ट्रीय योजना का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। यदि इस योजना के तहत आवंटित राशि का उपयोग अपने मूल उद्देश्य से हटकर किया जा रहा है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरे मामले पर सार्वजनिक और स्पष्ट स्पष्टीकरण देना चाहिए। एबीवीपी की मांग है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो, ताकि शिक्षा के मंदिर की गरिमा बनी रहे।
दोनों स्थानों पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और एबीवीपी कार्यकर्ता शामिल हुए। मौके पर मनीष कुमार, किशोर कुमार, पंकज कुमार, रितिक कुमार, आरती कुमारी, ज्योति कुमारी, नीतू कुमारी, आलोक कुमार, आशीष कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







