Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले का हब कहे जाने वाला नगर पंचायत सिमराही इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। प्रतिदिन लगने वाले जाम के कारण राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि सिमराही बाजार होकर दो-दो राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं और दोनों का जंक्शन पॉइंट बाजार के बीच स्थित है, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
सिमराही से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 27 देश के पश्चिमी छोर पोरबंदर से पूर्वोत्तर के असम तक जाता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 131 (पूर्व में एनएच 106) वीरपुर के भीमनगर से भागलपुर के बिहपुर तक जुड़ा है। इन दोनों प्रमुख मार्गों का जंक्शन सिमराही बाजार में होने के कारण यहां वाहनों का दबाव स्वाभाविक रूप से अधिक रहता है।
अतिक्रमण बना जाम की बड़ी वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में सड़कों के दोनों किनारों पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण की भरमार है। सड़क किनारे दुकानें, ठेले और अवैध कब्जे के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। परिणामस्वरूप दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों पर घंटों जाम लगा रहता है।

लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत द्वारा कई बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, लेकिन यह केवल खानापूर्ति साबित हुई। कुछ दिन स्थिति सामान्य रहती है, फिर दोबारा अतिक्रमण हो जाता है और जाम की समस्या जस की तस बनी रहती है।
बस स्टैंड और टेंपू स्टैंड का अभाव
जाम की एक बड़ी वजह सिमराही में बस स्टैंड और टेंपू स्टैंड का नहीं होना भी बताया जा रहा है। बसें और टेंपू सड़क किनारे ही खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे सड़क और संकरी हो जाती है। पीक आवर में जब दोनों ओर से भारी वाहन गुजरते हैं, तो स्थिति और भयावह हो जाती है।

स्थानीय लोगों ने दिया सुझाव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि एनएच 27 के जंक्शन पॉइंट से एनएच 106 (वर्तमान एनएच 131) पर लगभग 200 मीटर तक सड़क के बीचों-बीच दोनों तरफ से रस्सी लगाकर बैरिकेडिंग कर दी जाए, तो वाहन अपने-अपने लेन में चलेंगे और जाम की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।

लोगों का कहना है कि जाम लगने की मुख्य वजह यह है कि वाहन चालक जल्दी निकलने की होड़ में अपनी साइड छोड़कर दूसरी लेन में घुस जाते हैं, जिससे चारों ओर से गाड़ियां फंस जाती हैं और जाम विकराल रूप ले लेता है।
प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
इस गंभीर समस्या को लेकर जब न्यूज एक्सप्रेस बिहार की टीम द्वारा नगर पंचायत सिमराही के कार्यपालक पदाधिकारी वीणा वैशाली से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाएगा, तब तक सिमराही को जाम से मुक्ति नहीं मिल सकती।

लोगों की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नियमित अतिक्रमण हटाने, स्थायी बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने और बस-टेंपू स्टैंड के लिए अलग स्थान चिन्हित करने की मांग की है, ताकि सिमराही बाजार को रोजाना के जाम से राहत मिल सके।
सिमराही जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन पर लगातार जाम की स्थिति न केवल स्थानीय व्यापार को प्रभावित कर रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही पर भी खतरा पैदा कर रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस पहल करता है।







