Report: A.K Chaudhary
जिले के राघोपुर में National Highway 131 (पूर्व NH-106) के 106 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निर्मित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर बुधवार रात्रि 10 बजे से आधिकारिक रूप से वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आरओबी के चालू होने से राघोपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिली है। वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम की समस्या से अब निजात मिलने की उम्मीद है, जिससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा। यह आरओबी सुपौल जिले का दूसरा आरओबी है।
जाम से मुक्ति, समय की बचत
स्थानीय लोगों के अनुसार, रेलवे फाटक बंद होने के दौरान लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और व्यापारियों को काफी परेशानी होती थी। आरओबी के चालू होने के बाद अब वाहनों को बिना रुके आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।

2016 में शुरू हुआ था पुनर्निर्माण कार्य
एनएच डिवीजन, मधेपुरा के अधिकारी सतेंद्र पाठक ने बताया की भीमनगर (नेपाल बॉर्डर) से मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज तक जाने वाली इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 106 किलोमीटर है। सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था, जो अब जाकर पूर्ण हुआ है। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 675 करोड़ रुपये की लागत आई है। आरओबी इसी महत्वाकांक्षी परियोजना का हिस्सा है। बताया कि राघोपुर में यह आरओबी करीब 10 करोड़ रुपये लागत से बनी है।
व्यापार और विकास को मिलेगी गति
स्थानीय व्यवसायियों का मानना है कि ओवरब्रिज के चालू होने से क्षेत्र के व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। मालवाहक वाहनों की निर्बाध आवाजाही से बाजारों तक सामान समय पर पहुंचेगा। साथ ही, नेपाल सीमा से सटे इस मार्ग पर आवागमन आसान होने से क्षेत्रीय संपर्क भी मजबूत होगा।
स्ट्रीट लाइट का काम बाकी
हालांकि आरओबी पर फिलहाल स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए विभाग की ओर से एक अलग प्रपोजल तैयार कर उच्च स्तर पर भेजा जाएगा, ताकि जल्द से जल्द लाइटिंग की व्यवस्था की जा सके और रात के समय भी यातायात सुरक्षित रहे।
कुल मिलाकर, राघोपुर में आरओबी का शुभारंभ क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर खुशी का माहौल है और उन्हें उम्मीद है कि यह पुल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।







