Report: A.K Chaudhary
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में चल रहे युद्ध की वजह से पेट्रोलियम पदार्थ की किल्लत होने की संभावना का अफवाह फैलने के बीच सुपौल जिले में रसोई गैस को लेकर इन दिनों उपभोक्ताओं के बीच भारी परेशानी देखी जा रही है। इस अफवाह को लेकर घरेलु गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ने लगी है, खास कर एलपीजी गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ने से लोगों को गैस सिलेंडर के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। गैस सिलेंडर के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है।

इसी बीच शनिवार को राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में गैस की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रखंड प्रशासन सक्रिय नजर आया। वही इस संबंध में जिलाधिकारी सावन कुमार ने भी जिले के सभी एलपीजी गैस उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिले में एलपीजी गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। डीएम ने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भीड़ से बचें।

बीडीओ सत्येंद्र कुमार और एमओ अमर कुमार ने राघोपुर के विभिन्न होटल और गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा होटलों में गैस के उपयोग की स्थिति की जांच की। अधिकारियों ने गैस वितरण में होने वाली किसी भी तरह की परेशानी को लेकर उपभोक्ताओं से बात की साथ ही एजेंसी कर्मी को आवश्यक निर्देश भी दिये।

जांच के दौरान राघोपुर स्थित एचपी गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। बताया गया कि गैस सिलेंडर लेने के लिए लोग सुबह करीब 4 बजे से ही लंबी कतार में खड़े थे। घंटों लाइन में लगने के बाद उपभोक्ताओं को गैस मिल पा रही थी। इस दौरान कई बार अफरा-तफरी की स्थिति भी बन गई, हालांकि एजेंसी कर्मियों द्वारा कतारबद्ध तरीके से गैस का वितरण किया जा रहा था।

लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने बताया कि राघोपुर में गैस की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। उनका कहना था कि वे सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन कुछ लोग साइड से गैस लेकर चले जाते हैं, जिससे व्यवस्था बिगड़ जाती है और आम उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है।

वहीं इस संबंध में एमओ अमर कुमार ने बताया कि एजेंसी के माध्यम से गैस का वितरण पूरी तरह कतारबद्ध तरीके से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राघोपुर में गैस की स्थिति सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
उधर बीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि होटल संचालकों द्वारा घरेलू (डोमेस्टिक) गैस सिलेंडर के उपयोग को लेकर भी जांच की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि होटलों में डोमेस्टिक गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं किया जा सकता। जांच के दौरान पाया गया कि होटल संचालक घरेलू गैस का उपयोग नहीं कर रहे हैं और वैकल्पिक रूप से लकड़ी एवं कोयले का उपयोग कर रहे हैं।







