Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के सिमराही नगर पंचायत स्थित एस.आर. शिक्षा सम्राट स्कूल में ग्रेजुएशन डे एवं पेरेंट्स-टीचर सेमिनार का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन के साथ हुई, जिसके बाद विद्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक परीक्षा के परिणामों की घोषणा की गई। विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र, मेडल एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विद्यालय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन मेधावी छात्रों को विशेष रूप से प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी छात्रों को स्मार्ट वॉच उपहार स्वरूप देकर सम्मानित किया गया, जिससे छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के वार्षिक रिपोर्ट कार्ड अभिभावकों को सौंपे गए तथा उनके शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यवहारिक सुधार एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक सुझाव भी साझा किए गए।
पेरेंट्स-टीचर सेमिनार के दौरान छात्रों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान अभिभावकों और विद्यालय प्रशासन के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने पर सहमति बनी।

विद्यालय के प्रशासनिक निदेशक सह प्राचार्य किसलय रवि ने अपने संबोधन में विद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र में लागू किए जाने वाले नवाचारों एवं विद्यालय परिसर में विकसित की जाने वाली आधुनिक सुविधाओं की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
वहीं विद्यालय के चेयरमैन महादेव मेहता ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच समन्वय मजबूत होता है, जो छात्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रबंध निदेशिका अल्पना मेहता ने सभी अभिभावकों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से रणजीत लामा, सुधांशु वर्मा, गौरव कुमार, कृष्ण गुप्ता, अर्जुन कुमार, काजल राउत, मनीषा झा, पप्पू कुमार सहित सभी शिक्षकों के योगदान की सराहना की गई।







