Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ काम कर रहा है। खासकर LPG गैस, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और कालाबाजारी पर रोक को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वैवाहिक कार्यक्रमों में वाणिज्यिक LPG गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए कैटरर्स और रसोइयों को संबंधित तेल कंपनियों में निबंधन कराना अनिवार्य होगा, जिसे 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। वहीं जिन घरों में शादी समारोह है, उन्हें शादी कार्ड के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा, जिसमें आवश्यक सिलेंडरों की संख्या और संभावित मेहमानों का विवरण देना होगा। इसके आधार पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन ने बताया कि जिले में गैस की उपलब्धता में सुधार हो रहा है। गैस एजेंसियों के पास करीब 13,091 सिलेंडर का भंडार मौजूद है, जबकि 4,657 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। 9 अप्रैल को 4,797 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जबकि अभी 23,181 उपभोक्ताओं को गैस मिलना बाकी है। जिले की 51 एजेंसियों में से 47 पर LPG उपलब्ध है, जबकि शेष चार एजेंसियों—मुरली इण्डेन, रत्ना इण्डेन, भूशकुलिया HP और सतीश भारत गैस—पर जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है।
प्रशासन की ओर से सख्त निगरानी भी की जा रही है। अब तक 24 गैस एजेंसियों की जांच की जा चुकी है, जबकि 33 होटलों और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर LPG के उपयोग की जांच की गई है। घरेलू गैस के दुरुपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
पेट्रोल पंपों पर भी औचक निरीक्षण जारी है। चार पेट्रोल पंपों की जांच की जा चुकी है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य रखने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पतालों और सरकारी संस्थानों को वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति भी प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नंबर 06473-224005 है। 10 अप्रैल तक कंट्रोल रूम में 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका निष्पादन कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं, क्योंकि सभी एजेंसियां होम डिलीवरी के माध्यम से समय पर गैस उपलब्ध करा रही हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।







