News Desk Motihari:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को पूर्वी चंपारण जिले में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के स्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा को धार्मिक आस्था और विकास के समन्वय के रूप में देखा जा रहा है। जिले में चल रही मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मंदिर परिसर में 33 फीट ऊंचे विशाल शिवलिंग की विधिवत स्थापना की गई, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन के पदाधिकारी एवं मंदिर निर्माण से जुड़े ट्रस्ट के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग बना आस्था का केंद्र
मंदिर परिसर में स्थापित यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में एक ही चट्टान से तैयार किया गया है। इसकी ऊंचाई 33 फीट और वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है। इस शिवलिंग को विशेष रूप से तैयार किए गए 96 पहियों वाले भारी-भरकम ट्रेलर के माध्यम से तमिलनाडु से बिहार लाया गया। शिवलिंग को कालीयाणपुर (मोतिहारी) पहुंचने में करीब 45 दिन का समय लगा।

शिवलिंग की स्थापना के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे और पूजा-अर्चना की। पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से भक्तिमय माहौल में तब्दील हो गया।
1008 शिवलिंगों के बराबर पुण्य का दावा
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद (बीएसआरटीसी) के सदस्य सायन कुणाल और उनकी पत्नी एवं समस्तीपुर की सांसद संभवी चौधरी ने शिवलिंग की स्थापना के अवसर पर आयोजित यज्ञ में भाग लिया। इस दौरान सायन कुणाल ने बताया कि यह शिवलिंग एक ही पत्थर से निर्मित है, जिसके कारण इसे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस शिवलिंग के भीतर 1008 छोटे शिवलिंग समाहित हैं। इसकी पूजा करने से भक्तों को 1008 शिवलिंगों की पूजा के समान आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2030 तक पूरा कर लिया जाएगा।
270 फीट ऊंचा होगा मुख्य मंदिर
सायन कुणाल ने बताया कि पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट पूरी परियोजना की निगरानी कर रहा है। इस भव्य मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की ऊंचाई 270 फीट होगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में कुल 18 मीनारें, विभिन्न देवी-देवताओं के लिए 22 छोटे-बड़े मंदिर, विशाल सभामंडप और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आधुनिक संरचनाएं बनाई जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि इस विराट परियोजना की आधारशिला 20 जून 2023 को बीएसआरटीसी के तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल द्वारा रखी गई थी। उनके निधन के बाद अब उनके पुत्र सायन कुणाल इस परियोजना से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
पश्चिम चंपारण में विकास योजनाओं का शुभारंभ
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम चंपारण जिले में कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। समृद्धि यात्रा के तहत उन्होंने महिला आईटीआई और उत्कृष्टता केंद्र का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से बिहार के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।







