“सरकार को शर्म आनी चाहिए…” बजट सत्र में थानों की बदहाली पर अपनी ही सरकार पर बरसे BJP विधायक जीवेश कुमार

News Desk Patna:

बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 की कार्यवाही सोमवार, 9 फरवरी को प्रश्नोत्तर काल के साथ शुरू हुई, लेकिन सदन का माहौल सामान्य नहीं रहा। इस दिन सरकार को विपक्ष नहीं, बल्कि उसके ही सहयोगी और सत्तारूढ़ दल के विधायक घेरते नजर आए। पुलिस थानों की बदहाल स्थिति को लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार और अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा।

भारतीय जनता पार्टी के जाले विधायक जीवेश मिश्रा ने दरभंगा जिले के जाले और सिंहवाड़ा थाना भवन की जर्जर हालत का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों थानों में आज तक आगंतुक कक्ष का निर्माण नहीं कराया गया है, जो बेहद शर्मनाक है। विधायक ने पुलिसकर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था न होने पर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि अधिकारी सरकार को गलत जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने सदन में कहा कि सरकार वास्तविक स्थिति से अनजान है और अधिकारियों के भरोसे गुमराह हो रही है।

जीवेश मिश्रा के बाद जनता दल (यू) के बरौली विधायक मंजीत कुमार सिंह ने भी इसी तरह का मुद्दा उठाते हुए पुलिस थानों की दुर्दशा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि थानों की आधारभूत सुविधाओं की अनदेखी सीधे कानून-व्यवस्था पर असर डालती है।

विधायकों के तीखे सवालों और नाराजगी के बीच उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

गौरतलब है कि बिहार सरकार ने 3 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया था। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा प्रस्तुत 3.47 लाख करोड़ रुपये के बजट में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने वर्ष 2025 से 2030 तक एक करोड़ रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य भी तय किया है। हालांकि, बजट सत्र के पहले ही दिन उठे इन सवालों ने जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच के अंतर को उजागर कर दिया।

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