1 अप्रैल से बिहार में नई बिजली दर लागू: दिन में सस्ती, पीक आवर में महंगी बिजली, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर TOD टैरिफ लागू

बिहार में 1 अप्रैल से टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू हो गया है, जिसके तहत दिन में सस्ती और शाम के पीक आवर में महंगी बिजली मिलेगी। यह व्यवस्था स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले लाखों उपभोक्ताओं पर लागू होगी।

News Desk:

बिहार में आज यानी 1 अप्रैल से बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई व्यवस्था लागू हो गई है। अब राज्य के स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को ‘टाइम ऑफ डे’ (टीओडी) टैरिफ के तहत बिजली मिलेगी, जिसमें दिन के अलग-अलग समय के अनुसार बिजली की दरें तय की गई हैं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बिजली खपत को संतुलित करना और पीक आवर में लोड कम करना है।

ऊर्जा विभाग के इस फैसले के तहत कृषि कनेक्शन को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी के स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर यह नियम लागू होगा। राज्य में करीब 87 लाख से अधिक उपभोक्ता इस नई व्यवस्था से प्रभावित होंगे। नई दरों के अनुसार, यदि कोई शहरी उपभोक्ता 125 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करता है तो उसके लिए मूल दर 7.17 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।

हालांकि, राज्य सरकार की ओर से 3.30 रुपये प्रति यूनिट का अनुदान मिलने के कारण उपभोक्ताओं को वास्तविक रूप से 3.87 रुपये प्रति यूनिट ही भुगतान करना होगा। टीओडी टैरिफ के तहत दिन को तीन हिस्सों में बांटा गया है। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक के समय में उपभोक्ताओं को 3.87 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी, जो सामान्य दर के बराबर है।

वहीं, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली सबसे सस्ती होगी, इस दौरान उपभोक्ताओं को मात्र 2.30 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा, जो कि सामान्य दर का लगभग 80 प्रतिशत है। इसके विपरीत, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक का समय पीक आवर माना गया है, जिसमें बिजली की दर बढ़ाकर 4.61 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।

हालांकि यह दर पहले के मुकाबले कम है, क्योंकि 31 मार्च तक इसी अवधि में उपभोक्ताओं को 5.27 रुपये प्रति यूनिट देना पड़ता था। यानी नई व्यवस्था में पीक आवर में भी 66 पैसे प्रति यूनिट की राहत दी गई है।

सरल शब्दों में समझें तो अगर कोई उपभोक्ता रात में 100 रुपये की बिजली खपत करता है तो उसे पूरा 100 रुपये ही देना होगा। वहीं, दिन में 9 बजे से 5 बजे के बीच 100 रुपये की खपत पर केवल 80 रुपये ही देने होंगे। जबकि पीक आवर यानी शाम 5 से रात 11 बजे के बीच 100 रुपये की खपत पर सामान्यतः 120 रुपये तक भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आयोग ने इस दर को घटाकर 110 प्रतिशत ही रखने का निर्देश दिया है।

बिजली कंपनी ने पहले यह प्रस्ताव सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर लागू करने के लिए दिया था, लेकिन विचार-विमर्श के बाद आयोग ने इसे मंजूरी दे दी। इससे पहले यह व्यवस्था केवल औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए लागू थी, जिसे अब घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं तक भी विस्तार दिया गया है।

इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली का लाभ लेने के लिए अपने उपयोग का समय बदलना होगा। दिन के समय बिजली इस्तेमाल करने पर उन्हें अधिक बचत होगी, जबकि शाम के पीक आवर में बिजली उपयोग महंगा पड़ेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे बिजली की मांग का संतुलन बेहतर होगा और उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।

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