News Desk Supaul:
सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद के नरहा टोला में अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर शराब तस्करों और उनके समर्थकों ने शुक्रवार संध्या जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में सब-इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
छापेमारी के दौरान भड़की हिंसा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अवैध शराब निर्माण और भंडारण की सूचना पर त्रिवेणीगंज थाना की टीम नरहा टोला पहुंची थी। मौके पर अर्धनिर्मित देशी शराब जब्त कर उसका विनिष्टीकरण किया जा रहा था। इसी दौरान तस्करों और उनके समर्थकों की भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया। देखते ही देखते ईंट-पत्थरों से हमला शुरू हो गया, जिससे पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं और वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।

हमले में घायल पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर सोनू कुमार, थाने के मुंशी जिलानी टेलर, पीटीसी ओमप्रकाश पांडेय और होमगार्ड जवान बाबूनन्द यादव शामिल हैं। सभी घायलों को पुलिस वाहन से अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें से एक पुलिसकर्मी की हालत गंभीर होने पर उसे सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया गया।
वहीं पुलिस सूत्रों का दावा है कि हमले के दौरान आत्मरक्षा में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी और सात से आठ राउंड गोली चलने की बात कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार पीटीसी जिलानी टेलर और पीटीसी ओमप्रकाश पांडेय द्वारा अपने-अपने पिस्तौल से फायरिंग किए जाने की जानकारी है। वहीं घटनास्थल के आसपास मौजूद उग्र भीड़ ने भी पुलिस फायरिंग की बात कही है। हालांकि, इस संबंध में थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने साफ इनकार करते हुए कहा कि छापेमारी के दौरान लोगों ने विरोध जरूर किया था, लेकिन पुलिस की ओर से कोई फायरिंग नहीं की गई और न ही किसी को गोली लगी है।
जांच जारी, कुछ आरोपी हिरासत में
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ हमलावरों को हिरासत में लिया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक श्रवण कुमार ने बताया कि मारपीट की घटना में त्रिवेणीगंज थाना के चार पुलिसकर्मी इलाज के लिए लाए गए थे। सभी का उपचार किया गया है, जबकि एक को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।







