News Desk Supaul:
सरकार द्वारा पंचायतों को सशक्त और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये का आवंटन किया जाता है, ताकि पंचायत स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

इसी कड़ी में प्रत्येक पंचायत में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस भव्य पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। इन भवनों में महंगे फर्नीचर, टाइल और मार्बल लगे फर्श, बैठक कक्ष और कार्यालय की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि मुखिया, पंचायत सेवक, कर्मचारी और आम ग्रामीण जनता एक स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित माहौल में बैठकर पंचायत के विकास से जुड़े निर्णय ले सकें।

लेकिन जिले के राघोपुर प्रखंड की धरहरा पंचायत भवन की तस्वीरें इन सरकारी दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। पंचायत भवन के अंदर का नजारा बेहद चिंताजनक है। जगह-जगह बिखरा हुआ सामान, गंदगी का अंबार और अस्त-व्यस्त पड़ी फाइलें यह दर्शा रही हैं कि पंचायत भवन की साफ-सफाई और रखरखाव को लेकर जिम्मेदार पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं।

पंचायत भवन में रखे महंगे फर्नीचर बदहाल स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। फर्श और कमरों में गंदगी फैली हुई है, जिससे न केवल पंचायत की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। बाहर से जितना सुंदर और आकर्षक पंचायत भवन दिखाई देता है, अंदर से उसकी स्थिति उतनी ही खराब नजर आ रही है।

इस संबंध में धरहरा पंचायत के मुखिया कमलेश शाह ने सफाई देते हुए कहा कि पंचायत भवन में कार्य चल रहा, इसी कारण गंदगी फैली हुई है। वहीं मामले को लेकर राघोपुर बीडीओ सत्येंद्र कुमार ने कहा कि मामले की जांच करते है।

फिलहाल धरहरा पंचायत भवन की यह स्थिति सरकार की मंशा और निर्देशों पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की जांच के बाद व्यवस्था में कितना सुधार होता है और पंचायत भवन को वास्तव में जनता के लिए उपयोगी और सम्मानजनक बनाया जाता है या नहीं।







