आपदा में हो पशु की मौत तो सरकार से मिलता है सहायता अनुदान, पशुपालकों के लिए यह प्रक्रिया जानना जरूरी

शुभम राज/ खगड़िया. बिहार में ज्यादातर लोग किसानी या पशुपालन करते हैं. ऐसे में पशुपालकों को जानना जरूरी है कि अगर आपदा में पशु की मौत हो जाती है, तो सरकार से सहायता राशि मिलती है. यह सहायता राशि कैसे मिलेगी यह जानना भी जरूरी है.

इस संदर्भ में खगड़िया पशुपालन विभाग के सहायक परियोजना पदाधिकारी डॉ. संगीत शर्मा ने बताया कि आपदा में मारे गए पशु मामले में सरकार से अनुदान लेने के लिए पशुपालकों को अंचल कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा. जिसके बाद अंचल अधिकारी प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी या पशु चिकित्सक को शव का पोस्टमॉर्टम करने का निर्देश देंगे. पशु चिकित्सक के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने के बाद अंचल अधिकारी मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाएंगे.

पशु का शव न मिले तो

वहीं बाढ़ में या अन्य किसी भी आपदा के कारण आपके पशु की मृत्यु होने के बाद पशु का शव नहीं मिलता तो, उस स्थिति में पशुपालक भाइयों को पहले संबंधित थाना में सूचना देनी होगी. उसके बाद आपको जनप्रतिनिधि द्वारा सत्यापन कराकर आवेदन को अंचल अधिकारी को देना होगा. जिसके बाद जांचोंपरांत अंचल अधिकारी द्वारा मुआवजा दी जाएगी.

किस जानवर पर कितनी राशि

दुधारू पशु जैसे गाय, भैंस, ऊंट आदि 3 पशुओं पर 37500 रुपए प्रति इकाई दी जाएगी. वहीं बड़ा जानवर जैसे बैल, घोड़ा पर 3 पशुओं तक 32000 रुपए प्रति इकाई दी जाएगी. बछड़ा, गधा, खच्चर 6 पशुओं तक 20000 रुपए प्रति इकाई दी जाएगी. वहीं बकरी, भेड़, सुकर पर 30 पशु तक 4000 रुपए प्रति इकाई दी जाएगी. वहीं पोल्ट्री के लिए अधिकतम 5000 रुपए 100 रुपए प्रति इकाई दी जाएगी. अगर अग्निकांड में क्षति हो तो पशु शेड के लिए 3000 रुपए दिए जाएंगे.

Tags: Khagaria news, Local18, Natural Disaster

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