प्रशांत किशोर का सुपौल में तीखा प्रहार : कहा – बालू माफिया, शराब माफिया और गुंडों को भेजेंगे विधानसभा, तो गाली-गलौज ही होगी

न्यूज डेस्क सुपौल:

बिहार में “जनता का राज” स्थापित करने के उद्देश्य से निकाली गई बिहार बदलाव यात्रा के तहत जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर गुरुवार को सुपौल पहुंचे। यहां सिमराही में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रदेश की राजनीति, शासन व्यवस्था और प्रमुख दलों पर तीखा हमला बोला।

प्रशांत किशोर ने कहा कि आज विधानसभा में जो मारपीट और गाली-गलौज हो रही है, उसका कारण यही है कि जनता खुद बालू माफिया, शराब माफिया और गुंडा-बदमाश जैसे लोगों को चुनकर वहां भेज रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को न भाषा का ज्ञान है और न ही विषय की समझ, लेकिन वही लोग जनता की आवाज उठाने के बजाय सदन की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि “पक्ष हो या विपक्ष, दोनों के नेता अब सिर्फ गाली-गलौज की भाषा में बात करते हैं। यह बिहार की राजनीतिक संस्कृति बन गई है। इसे बदलने के लिए ही जन सुराज की व्यवस्था बनाई जा रही है।”

तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार की धमकी पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “लोकतंत्र में हर पार्टी और नेता को बहिष्कार करने का अधिकार है, लेकिन यह गीदड़ भभकी देना कि अगर हमारी बात नहीं मानी गई तो हम चुनाव नहीं लड़ेंगे – यह किसे धमका रहे हैं?”

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प्रशांत किशोर ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “बिहार के लोगों ने मंदिर के लिए पीएम मोदी को वोट दिया, मंदिर बन गया। जाति के नाम पर नीतीश कुमार को वोट दिया, जाति गणना हो गई। लेकिन आपने आज तक अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट नहीं दिया, इसलिए आज आपके बच्चे गुजरात की फैक्ट्रियों में मजदूरी कर रहे हैं।”

जनता से किया बड़ा वादा

प्रशांत किशोर ने घोषणा की कि दिसंबर 2025 से 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी पुरुष और महिलाओं को ₹2000 मासिक पेंशन दी जाएगी। साथ ही 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को निजी स्कूलों में भी मुफ्त शिक्षा मिलेगी और उनकी फीस सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा, “जब तक सरकारी स्कूलों की हालत नहीं सुधरती, तब तक गरीब के बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ सकें – इसके लिए फीस सरकार भरेगी।”

सभा के दौरान उन्होंने लालू यादव पर भी तीखा हमला किया। कहा, “लालू जी अपने 9वीं फेल बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, जबकि बिहार के बच्चे मैट्रिक, बीए, एमए करने के बावजूद नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं।”

सभा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी, जिससे सड़कों पर कई घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।

अंत में उन्होंने जनता से अपील की कि अगली बार नेताओं का चेहरा देखकर नहीं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार को ध्यान में रखते हुए वोट करें, ताकि बिहार में वास्तविक परिवर्तन और जन-सरकार की स्थापना हो सके।

मौके पर जनसुराज नेता रामप्रवेश यादव, मीनू कुशवाहा, अनिल सिंह, इंद्रदेव साह, तपेश्वर यादव, महेंद्र मेहता, अमित भगत, नरेश नयन समेत भारी संख्या में नेता, कार्यकर्ता व आमलोग उपस्थित थे।

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