सुपौल: दिशा बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, मनरेगा में 117% लक्ष्य हासिल, आवास–सड़क–शिक्षा पर दिए गए सख्त निर्देश

News Desk Supaul:

जिले के समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद दिलेश्वर कामैत ने की। बैठक में निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा विधायक रामविलास कामत, बिहार सरकार के ऊर्जा, योजना एवं विकास विभाग व सुपौल विधायक के प्रतिनिधि, राजेन्द्र प्रसाद यादव, छातापुर विधायक के प्रतिनिधि सह सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेन्द्र झा, नगर परिषद त्रिवेणीगंज एवं नगर पंचायत वीरपुर के मुख्य पार्षद,  सभी प्रखंड प्रमुख एवं नामित सदस्य उपस्थित रहे।

इसके अलावा जिलाधिकारी सावन कुमार, उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, पुलिस उपाधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी मयानंद यादव, विशेष कार्य पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण, वीरपुर, निर्मली एवं त्रिवेणीगंज के अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, निदेशक एनईपी, डीआरडीए, डीपीएम जीविका, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, जिला समन्वयक स्वच्छता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद/नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में उप विकास आयुक्त ने जानकारी दी कि मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2025-28 में नवंबर 2025 तक मानव दिवस सृजन का लक्ष्य 31,14,984 था, जिसके विरुद्ध अब तक 38,71,048 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। यह लक्ष्य का 117.85 प्रतिशत है। मनरेगा के अंतर्गत 85.98 प्रतिशत योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, शेष पर कार्य जारी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में अब तक कुल 8,102 आवास पूर्ण किए गए हैं। द्वितीय एवं तृतीय किस्त की राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। शेष अपूर्ण आवासों को पूर्ण कराने की कार्रवाई की जा रही है।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)

वित्तीय वर्ष 2025-28 में सामुदायिक स्वच्छता परिसर के कुल 20 लक्ष्य के विरुद्ध 6 का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 14 पर कार्य प्रगति पर है। जिले में लक्षित 171 WPLU के विरुद्ध 169 का निर्माण पूरा किया जा चुका है, शेष 2 पर कार्य जारी है।

जीविका के प्रतिनिधि ने बताया कि जिले में अब तक 30,789 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। सभी परिवारों को समूहों से जोड़ने के लिए ग्राम संगठन स्तर पर सर्वे कराया जा रहा है। समूहों से जुड़े परिवारों को बकरी पालन, पोषक बगीचा, कपड़ा सिलाई, मशरूम खेती जैसी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

ग्रामीण कार्य प्रमंडल, सुपौल के अनुसार पीएमजीएसवाई (पुल) के तहत वर्ष 2020-21 की 1 योजना पूर्ण हो चुकी है तथा 2 योजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025-26 में पीएमजीएसवाई (राजक) के तहत 4 योजनाओं की निविदा प्रक्रिया जारी है।

ग्रामीण कार्य प्रमंडल, वीरपुर में पीएमजीएसवाई फेज-2 की 1 योजना और फेज-3 की 3 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। फेज-3 (पुल) के तहत 12 योजनाएं पूरी की गई हैं।

ग्रामीण कार्य प्रमंडल, त्रिवेणीगंज में पीएमजीएसवाई फेज-3 के तहत स्वीकृत 14 सड़क योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। फेज-3 (पुल) के तहत 7 उच्च स्तरीय पुलों में से 5 पूर्ण हो चुके हैं, 2 पर कार्य जारी है।

शिक्षा समीक्षा के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिन विद्यालयों का अन्य विद्यालयों में मर्ज किया गया है और जिनके पास अब अपना भवन उपलब्ध है, उन्हें डी-मर्ज कराने के लिए विभाग से समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही जिन विद्यालयों के पास भवन नहीं है, उन्हें चिन्हित कर भवन निर्माण की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिला योजना एवं अन्य विभाग

जिला योजना पदाधिकारी ने बताया कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 38 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 5 पूर्ण हो चुकी हैं, शेष पर कार्य प्रगति पर है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा में नगर परिषद एवं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारियों को स्वीकृत लाभुकों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

पीएचईडी की समीक्षा में नल-जल योजना के अंतर्गत कार्यरत पंप ऑपरेटरों के मानदेय का समय पर भुगतान तथा योजना के नियमित अनुरक्षण का निर्देश दिया गया।

अध्यक्षता करते हुए सांसद विलेश्वर कामैत ने सभी विभागों एवं पदाधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और समयबद्ध रूप से लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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