सुपौल में निर्वाचक सूची पुनरीक्षण की समीक्षा बैठक, राजनीतिक दलों ने कार्यप्रणाली पर जताया भरोसा

न्यूज डेस्क सुपौल:

भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली की ओर से नियुक्त निर्वाचक सूची प्रेक्षक अराधना पटनायक (भा.प्र.से.) ने बुधवार को जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के तहत प्रारूप निर्वाचक सूची प्रकाशन के उपरांत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। यह बैठक दोपहर 12 बजे जिला मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्ष और सचिव मौजूद रहे।

बैठक के दौरान प्रेक्षक अराधना पटनायक ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रारूप सूची प्रकाशन के बाद की गई कार्रवाई, मतदाता पंजीकरण की स्थिति, और दावा-आपत्ति निस्तारण की प्रक्रिया पर जानकारी ली। सभी दलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि सुपौल जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य सुव्यवस्थित ढंग से और बिना किसी रुकावट के चल रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के संबंध में अब तक किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी, सुपौल सावन कुमार ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों और नगर निकाय कार्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जिन मतदाताओं का नाम प्रारूप निर्वाचक सूची से छूट गया है, वे दावा प्रस्तुत कर सकें। इसी तरह ऐसे योग्य मतदाता, जिनका पंजीकरण अब तक नहीं हुआ है, भी आवेदन देकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इन शिविरों में दावा और आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जिला निर्वाचन कार्यालय की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि निर्वाचक सूची पुनरीक्षण कार्य पारदर्शी, निष्पक्ष और आयोग के निर्देशों के अनुरूप चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी विधानसभा चुनावों में मतदाता सूची पूरी तरह से अद्यतन और त्रुटिरहित होगी, जिससे निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।

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