सुपौल: सिमराही की जनसभा में तेजस्वी यादव का संकल्प– अब बिहार को चाहिए शिक्षा, रोजगार और सम्मान; 20 महीने में दिखेगा असली बदलाव

News Desk Supaul:

गुरुवार को जिले के राघोपुर प्रखंड के सिमराही स्थित लखिचंद साहू उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित जनसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के राजद प्रत्याशी वैद्यनाथ मेहता के समर्थन में चुनावी शंखनाद किया। विशाल मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा था, जहां महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी मौजूदगी ने माहौल को जोश और उम्मीद से भर दिया। मंच पर राजद, कांग्रेस, वामदल और अन्य सहयोगी संगठनों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

तेजस्वी यादव ने शुरुआत में जनता का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह भीड़ किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि बदलाव की पुकार है। उन्होंने कहा कि बिहार अब नए भविष्य की ओर देख रहा है, जहां शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य प्राथमिकता होगी। तेजस्वी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि जब हमने 10 लाख नौकरियों की बात की थी, तब विरोधियों ने व्यंग्य किया था, मगर हमने संकल्प को कर्म में बदला। उन्होंने दावा किया कि पांच लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई और साढ़े तीन लाख पदों पर प्रक्रिया जारी है।

तेजस्वी ने कहा कि वर्तमान शासन ने समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का काम किया है। अपराध, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर हैं। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, स्कूलों में शिक्षक नहीं, किसानों को राहत नहीं — लेकिन सत्ताधारी दल के पास केवल विभाजन की राजनीति है। उन्होंने कहा कि “हमें मंदिर-मस्जिद नहीं, सरकारी स्कूल और रोज़गार चाहिए। हमें नफरत नहीं, मोहब्बत चाहिए।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर भी प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्योग गुजरात में लगाते हैं और विजय बिहार में चाहते हैं। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि अगर दो दशक में सबकुछ सही हुआ होता, तो आज लाखों युवाओं को रोजगार की तलाश में घर छोड़ना नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि जब महागठबंधन की सरकार बनेगी, तब बिहार को ऐसा राज्य बनाएंगे जहां शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के लिए पलायन की ज़रूरत नहीं होगी।

तेजस्वी ने अपने आगामी संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मकरसंक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को “माई-बहन योजना” के तहत प्रत्येक महिला के खाते में 30 हजार रुपये भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर परिवार को जिसमें सरकारी नौकरी नहीं है, एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। पेंशन 1500 रुपये होगी, गैस सिलेंडर 500 रुपये में मिलेगा, 200 यूनिट तक बिजली निःशुल्क दी जाएगी। किसान भाइयों के लिए सिंचाई की बिजली पूरी तरह मुफ्त होगी। सभी पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और शिक्षक 70 किलोमीटर के दायरे में पदस्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि “आपने इन्हें 20 साल दिए, मुझे सिर्फ 20 महीने दीजिए। जो काम इन्होंने दो दशकों में नहीं किया, वह मैं डेढ़ साल में कर दिखाऊंगा।” तेजस्वी ने भावनात्मक अंदाज़ में कहा कि “मेरी उम्र भले कम हो, पर मेरे इरादे और वादे पक्के हैं। अगर हम अपने संकल्पों को पूरा नहीं करें, तो जनता जो सज़ा दे, हमें स्वीकार होगी।”

तेजस्वी यादव ने जनता से अपील की कि इस बार का मतदान किसी व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि “एक बिहारी सब पर भारी” का नारा अब सिर्फ जुमला नहीं, बल्कि हकीकत बनेगा। सभा के अंत में उन्होंने कहा, “हम नफरत की दुकान बंद करेंगे और मोहब्बत का बाज़ार खोलेंगे। अब बिहार झुकेगा नहीं, रुकेगा नहीं।”

सभा में मौजूद भीड़ ने बार-बार “तेजस्वी जिंदाबाद” और “महागठबंधन सरकार लाओ” के नारों से पूरा मैदान गूंजा दिया। भीड़ का उत्साह देखकर यह स्पष्ट संकेत मिला कि सीमांचल और कोसी क्षेत्र में मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प होने वाला है।

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