सुपौल में तिरंगे के अपमान का आरोप, नगर पंचायत सिमराही में उलटा फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज

Report: A.K. Chaudhary

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को सुपौल जिले के तमाम सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल के बीच झंडोतोलन किया गया। जगह-जगह लोगों ने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और देश की आजादी के पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। इसी बीच सुपौल जिले के नगर पंचायत सिमराही कार्यालय में झंडोतोलन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के उलटा फहराए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस के निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर पंचायत सिमराही कार्यालय परिसर में चेयरमैन यशोदा देवी द्वारा झंडोतोलन किया गया। बताया जाता है कि झंडोतोलन से पहले राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर भेजने के दौरान झंडा ठीक से नहीं खुल पाया। इसके बाद कई बार झंडे को नीचे किया गया और दोबारा प्रयास किया गया। हालांकि, अंततः जब झंडोतोलन किया गया तो राष्ट्रीय ध्वज उलटा फहरता हुआ दिखाई दिया।

झंडे के उलटा फहराए जाने की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर राष्ट्रध्वज के सम्मान और उसकी सही स्थिति को लेकर विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पंचायत कार्यालय में इस तरह की घटना पिछले वर्ष भी झंडोतोलन के दौरान होने की बात सामने आई थी। लोगों का आरोप है कि लगातार दूसरे वर्ष ऐसी स्थिति उत्पन्न होना गंभीर लापरवाही का संकेत है।

लोगों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पूरे देश के लिए गौरव और सम्मान का पर्व है। ऐसे अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। झंडोतोलन के दौरान यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसे ठीक करने के बाद ही ध्वजारोहण किया जाना चाहिए था। लोगों ने इस मामले में जिला प्रशासन से समुचित जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

वहीं, इस मामले को लेकर नगर पंचायत सिमराही की कार्यपालक पदाधिकारी वीणा वैशाली ने बताया कि झंडा फहराने को लेकर सुपरवाइजर मुकेश राउत को प्रतिनियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान राष्ट्रध्वज फहराने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

फिलहाल वायरल वीडियो और सामने आई तस्वीरों को लेकर लोगों में नाराजगी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है।

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