सुपौल: बैजनाथपुर अंदौली–न्यू झाझा रेल बाईपास पर सीआरएस निरीक्षण सफल, जल्द दौड़ेगी ट्रेन

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के लिए बहुप्रतीक्षित बैजनाथपुर अंदौली–से न्यू झाझा स्टेशन के बीच 4.22 किमी नव निर्मित बाइपास रेल लाइन पर शुक्रवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) द्वारा सफल निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के साथ ही क्षेत्र में नियमित रेल परिचालन शुरू होने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।

सीआरएस पदाधिकारी गुरु प्रकाश ने डीआरएम ज्योति मिश्रा सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस नई रेल बाईपास लाइन का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रैक, स्टेशन परिसरों, पुल-पुलिया, सिग्नलिंग सिस्टम, ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन) और अन्य संरचनात्मक कार्यों की बारीकी से जांच की गई।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, इससे एक दिन पहले गुरुवार को इस रेलखंड पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। इसके बाद शुक्रवार को विधिवत सीआरएस निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई। यह पहला अवसर था जब बैजनाथपुर अंदौली और न्यू झाझा जंक्शन के बीच सीआरएस की स्पेशल बोगी का संचालन किया गया। इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उत्साहित नजर आए।

निरीक्षण की शुरुआत बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन से हुई, जहां सीआरएस पदाधिकारी ने स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, ट्रैक लेआउट और सिग्नलिंग व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। कई स्थानों पर रुककर उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके बाद सीआरएस पदाधिकारी मोटर ट्रॉली के माध्यम से आगे बढ़े। कुछ दूरी तय करने के बाद रेलवे परंपरा के अनुसार विधिवत पूजन किया गया। पूजन के पश्चात सीआरएस गुरु प्रकाश, डीआरएम ज्योति मिश्रा एवं अन्य अधिकारी पैदल ही रेल पटरी पर चलते हुए न्यू झाझा जंक्शन की ओर निरीक्षण करते नजर आए।

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर अधूरे एवं असंतोषजनक कार्य पाए जाने पर सीआरएस पदाधिकारी ने संबंधित संवेदकों (ठेकेदारों) पर नाराजगी जताई। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

इसी क्रम में न्यू झाझा जंक्शन से पूर्व स्थित एक रेलवे ढाला (लेवल क्रॉसिंग) पर स्थानीय ग्रामीणों ने सीआरएस पदाधिकारी और डीआरएम को एक ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों ने बताया कि ढाला के समीप संपर्क पथ (सर्विस रोड) नहीं होने के कारण आवागमन में भारी कठिनाई होती है। इस पर डीआरएम ज्योति मिश्रा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही वहां संपर्क पथ का निर्माण कराया जाएगा, जिससे गांव के लोगों को बाहर निकलने में सुविधा मिलेगी।

निरीक्षण के अंतिम चरण में सीआरएस पदाधिकारी और डीआरएम न्यू झाझा जंक्शन पहुंचे, जहां स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, यार्ड, ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम एवं अन्य रेलवे संरचनाओं की लंबी अवधि तक गहन जांच की गई। सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद सीआरएस पदाधिकारी अपनी स्पेशल बोगी से बैजनाथपुर अंदौली होते हुए सहरसा के लिए रवाना हो गए।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह केवल सीआरएस निरीक्षण था। निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड से आवश्यक स्वीकृति और निर्देश मिलने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इस रेल बाईपास लाइन पर ट्रेनों का नियमित परिचालन कब से शुरू किया जाएगा।

उधर, बैजनाथपुर अंदौली से न्यू झाझा तक सीआरएस निरीक्षण के सफल समापन से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर दोनों जंक्शनों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस रेल बाईपास के चालू होने से ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुचारु होगी, जाम की समस्या कम होगी और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

रेल बाईपास के शुरू होने से न केवल यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन में भी संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें रेलवे बोर्ड के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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