News Desk Supaul:
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ निजी, शैक्षणिक, कोचिंग तथा प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और सेमिनारों के निमंत्रण पत्र, पोस्टर, बैनर व सोशल मीडिया प्रचार सामग्री में अधिकारियों का नाम मुख्य अतिथि या विशिष्ट अतिथि के रूप में बिना पूर्व अनुमति प्रकाशित किया जा रहा है। प्रशासन ने इसे प्रशासनिक मर्यादा और निर्धारित प्रोटोकॉल के विपरीत बताया है।

जिलाधिकारी के आदेश ज्ञापांक 309-1/गो०, दिनांक 16 फरवरी 2026 के आलोक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश में कहा गया है कि कोई भी निजी संस्था, शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग/प्रशिक्षण संस्थान या अन्य संगठन बिना पूर्व स्वीकृति किसी अधिकारी का नाम अतिथि के रूप में प्रचार सामग्री में प्रदर्शित नहीं करेंगे।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित संस्था अथवा प्रबंधक के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी कार्यालय प्रधान, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि अधीनस्थ कार्यालयों एवं संस्थानों द्वारा आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराया जाए।
जिला प्रशासन ने संबंधित संस्थानों से अपेक्षा की है कि वे शासकीय प्रोटोकॉल, प्रशासनिक गरिमा और विधिसम्मत प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करते हुए भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचें।







