News Desk Patna:
भूमि राजस्व विभाग हड़ताल: भूमि राजस्व विभाग के कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बीच उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि सरकार बातचीत से पीछे नहीं हटेगी, लेकिन विभागीय कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी प्रमुख मांग—ग्रेड पे में वृद्धि—पर चर्चा की गई। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च तक तय किए गए लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करना प्राथमिक शर्त होगी।
परिमार्जन और लंबित मामलों पर सख्ती
उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से परिमार्जन (म्यूटेशन/रेकॉर्ड सुधार) से जुड़े मामलों को समयसीमा के भीतर निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी तय लक्ष्य हासिल करते हैं और कार्य निष्पादन में सुधार दिखता है, तो सरकार उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारियों को नियमानुसार DCLR पद पर प्रोन्नति देने की बात भी दोहराई गई।
DCLR कोर्ट को संसाधन, कामकाज बाधित नहीं होगा
सभी DCLR के साथ बैठक कर उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है, ताकि न्यायालयीन कार्य प्रभावित न हों। प्रत्येक DCLR कोर्ट के लिए 50-50 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे बैठने की व्यवस्था, रिकॉर्ड प्रबंधन और अन्य जरूरी सुविधाएं सुदृढ़ की जा सकें।
फर्जी दस्तावेज पर कड़ा रुख, सुपौल में सीओ बर्खास्त
सरकार ने फर्जी दस्तावेजों के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। सुपौल सदर के सीओ प्रिंस राज को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जिस पर कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है। अधिकारियों को निर्देश है कि ऐसे मामलों की त्वरित जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
प्रधान सचिव के निर्देश: लंबित फाइलें समय पर निपटाएं
भूमि राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर निपटाया जाए और अनावश्यक रूप से फाइलें लंबित न रखी जाएं। कार्य संस्कृति में सुधार और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
अंचल कार्यालयों में CCTV, पटना से निगरानी
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी अंचल कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। राजधानी पटना में कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से सीओ कार्यालयों की निगरानी की जाएगी। जनसुनवाई के दौरान नागरिकों के बैठने और पेयजल की समुचित व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए हैं।
संदेश साफ: संवाद भी, अनुशासन भी
सरकार ने एक ओर कर्मचारियों की मांगों पर विचार का आश्वासन दिया है, तो दूसरी ओर लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही को अनिवार्य बताया है। संकेत स्पष्ट है—प्रदर्शन में सुधार होगा, तभी ग्रेड पे सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय संभव होगा।







