Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत सिमराही के वार्ड संख्या-3 में रविवार को न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने तीसरी बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही। दो जेसीबी, ट्रैक्टर और मजदूरों की मदद से विवादित भूमि को खाली कराया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभियान पूरा कराया।

दोपहर करीब 1:30 बजे न्यायालय की तीन सदस्यीय टीम, जिसमें एक नाजिर और दो न्यायालय कर्मी शामिल थे, मौके पर पहुंची। राघोपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार दंडाधिकारी के रूप में कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे। वहीं राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस के अलावा जिले से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था। मौके पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

बताया जाता है कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वहां करीब एक दर्जन महादलित परिवार लंबे समय से रह रहे थे। भूमि पर दावा करने वाले सिमराही निवासी मो. अख्तर अली का कहना है कि करीब तीन कट्ठा 13 धुर जमीन उनकी पुश्तैनी संपत्ति है और इसकी जमाबंदी उनके नाम दर्ज है। उनके अनुसार वर्ष 2007 में जमीन पर कब्जा किया गया और बाद में वहां टिन-चादर तथा फूस के मकान बना लिए गए। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में टाइटिल सूट दायर किया, जिसमें वर्ष 2018 में उनके पक्ष में फैसला आया। इसके बावजूद जमीन खाली नहीं होने पर उन्होंने दखल-दिहानी वाद दायर किया, जिसके आधार पर न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया।

जानकारी के अनुसार इससे पहले भी दो बार प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया था, लेकिन विरोध के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी। रविवार को तीसरे प्रयास में प्रशासन ने विवादित भूमि को खाली करा दिया।
वही कार्रवाई से नाराज कुछ महादलित परिवारों और स्थानीय लोगों ने एनएच-131 पर बांस-बल्ला लगाकर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर आगजनी भी की गई, जिससे कई घंटों तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया और जाम हटवाकर यातायात सामान्य कराया।
मामले को लेकर राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सड़क जाम, आगजनी और पथराव की घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







