रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर सुपौल में प्रजापति समाज का प्रदर्शन, पुलिस से नोकझोंक के बाद डीएम-एसपी को सौंपा मांगपत्र

सुपौल में रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर प्रजापति समाज ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। रोड मार्च की अनुमति नहीं होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका, जिससे नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। बाद में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम और एसपी से मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग की।

News Desk Supaul:

सुपौल जिले के चर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को प्रजापति समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रजापति संघ के बैनर तले रोड मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस, धक्का-मुक्की और कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति भी उत्पन्न हो गई।

जानकारी के अनुसार, त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनिया गांव में 20 जून को जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में 33 वर्षीय रौशन पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान 2 जुलाई को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिजन और समाज के लोग लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बुधवार को बड़ी संख्या में लोग विरोध मार्च के लिए एकत्र हुए। प्रशासन का कहना था कि रोड मार्च की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मृतक की पत्नी, दोनों पुत्रों सहित आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक सरथ आर.एस. से मिलने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।

इस संबंध में सदर एसडीपीओ राजीव रंजन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को रोड मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। इसी कारण पुलिस ने उन्हें निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने से रोका और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

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