News Desk Supaul:
सुपौल जिले में मुख्यमंत्री के संभावित समृद्धि यात्रा के मद्देनज़र जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में शनिवार को प्रभारी जिलाधिकारी मो. तारिक ने निर्मली अनुमंडल अंतर्गत हरियाही पंचायत के जरौली गांव में संचालित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण का उद्देश्य समृद्धि यात्रा से पूर्व सभी विकास कार्यों की स्थिति का आकलन करना तथा उन्हें समय पर पूर्ण कराना था।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ सुपौल अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, निर्मली अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, निर्मली भूमि सुधार उपसमाहर्ता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने गांव में निर्माणाधीन विद्यालय भवन, छठ घाट सह तालाब सौंदर्यीकरण सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में इन कार्यों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि समृद्धि यात्रा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पहले किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इसके अतिरिक्त खेल मैदान निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन तथा पार्किंग सुविधा से संबंधित कार्यों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

कई स्थानों पर कार्य की गति धीमी होने और गुणवत्ता में कमी के संकेत मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों और कार्य एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई।

जिलाधिकारी मो. तारिक ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी लंबित विकास कार्यों को हर हाल में दिनांक 28 जनवरी से पूर्व पूर्ण किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने, स्थल पर जाकर कार्यों की समीक्षा करने और प्रगति प्रतिवेदन समय-समय पर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि समृद्धि यात्रा के माध्यम से सरकार की विकास योजनाओं को जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है, ऐसे में सभी कार्यों का समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है।







