सुपौल: राघोपुर रेफरल अस्पताल में औचक निरीक्षण से हड़कंप, गंदगी और बंध्याकरण शिविर में मिलीं खामियां, अधिकारियों ने दिए सुधार के निर्देश

सुपौल के राघोपुर रेफरल अस्पताल में एसडीएम और बीडीओ ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और बंध्याकरण शिविर में कई खामियां मिलीं, जिस पर अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित रेफरल अस्पताल में मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई, जहां अस्पताल परिसर की साफ-सफाई से लेकर चल रहे बंध्याकरण शिविर तक कई कमियां अधिकारियों की नजर में आईं। निरीक्षण के बाद संबंधित कर्मियों और अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे वीरपुर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार एवं राघोपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार संयुक्त रूप से राघोपुर रेफरल अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई। दोनों अधिकारियों ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, संसाधनों और मरीजों को मिल रही सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया, जहां मरीजों की उपस्थिति, चिकित्सकों की उपलब्धता तथा इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण कक्ष, विजन सेंटर, ईसीजी कक्ष समेत अन्य विभागों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मरीजों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।

इसी क्रम में अस्पताल परिसर में चल रहे बंध्याकरण ऑपरेशन शिविर का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने शिविर में मौजूद चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और लाभार्थियों से जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान शिविर संचालन में कुछ व्यवस्थागत कमियां सामने आईं, जिस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मियों को तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देखी गई, जिसे अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही माना। इस पर वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।

एसडीएम नीरज कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां सामने आई हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने भी अस्पताल कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कर्मियों से कार्यशैली में सुधार लाने, अनुशासन बनाए रखने और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहने की बात कही।

Leave a Comment

[democracy id="1"]