सुपौल में अभाविप के चार दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग का समापन, कार्यकर्ताओं को मिला वैचारिक व संगठनात्मक प्रशिक्षण

सुपौल के राधेश्याम टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उत्तर बिहार प्रांत अभ्यास वर्ग का वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ समापन हुआ। चार दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में 36 जिलों के 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समापन सत्र में वंदे मातरम्, सदस्यता अभियान एवं संगठन विस्तार पर मार्गदर्शन दिया गया तथा नई प्रांतीय एवं जिला कार्यकारिणी की घोषणा की

Report: A.K Chaudhary

सुपौल जिला मुख्यालय स्थित राधेश्याम टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) उत्तर बिहार प्रांत के चार दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग का समापन रविवार को वंदे मातरम् के  साथ संपन्न हो गया। चार दिनों 18 से 21 जून तक चले इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण वर्ग में उत्तर बिहार के संगठनात्मक 36 जिलों से आए 300 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। वर्ग के अंतिम दिन वैचारिक एवं संगठनात्मक विषयों पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए, वहीं नई प्रांतीय कार्यकारिणी एवं विभिन्न विभागों की घोषणाएं भी की गईं।

समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास से हुई। योगाभ्यास कार्यक्रम में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया और कहा कि स्वस्थ शरीर एवं स्वस्थ मन से ही राष्ट्र निर्माण का कार्य प्रभावी रूप से किया जा सकता है।

इसके उपरांत आयोजित भाषण सत्र में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक ने “वंदे मातरम्” विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता और स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरक शक्ति का प्रतीक है। देश की आजादी के संघर्ष में इस गीत ने लाखों क्रांतिकारियों और देशभक्तों को प्रेरणा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब हम वंदे मातरम् का उच्चारण करते हैं तो यह केवल शब्दों का उच्चारण नहीं होता, बल्कि मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति होती है। भारत माता के प्रति सम्मान और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की भावना प्रत्येक विद्यार्थी और युवा के जीवन का आधार होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ समाज जीवन में सक्रिय भूमिका निभाएं और अपने आचरण से राष्ट्रभक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करें।

गोविंद नायक ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्र समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र के लिए चरित्रवान, सक्षम और सामाजिक रूप से उत्तरदायी नेतृत्व तैयार करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए परिषद नियमित रूप से अभ्यास वर्गों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती है।

वहीं दूसरे सत्र में उत्तर बिहार के प्रांत संगठन मंत्री राकेश मौर्य ने “सदस्यता एवं कार्यकारिणी गठन” विषय पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की शक्ति उसकी व्यापक सदस्यता और सक्रिय कार्यकर्ता आधार में निहित होती है। विद्यार्थी परिषद का विस्तार केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि ऐसे युवाओं को संगठन से जोड़ने का अभियान है जो राष्ट्र और समाज के लिए कार्य करने की भावना रखते हों।

उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान परिषद के संगठनात्मक विस्तार की आधारशिला है। प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने-अपने महाविद्यालय, विद्यालय और क्षेत्र में नए विद्यार्थियों को संगठन की विचारधारा एवं कार्यों से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए कहा कि संगठन में दायित्व क्षमता, सक्रियता, समर्पण और कार्य के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं। मजबूत कार्यकारिणी ही संगठन को नई दिशा और गति प्रदान करती है।

राकेश मौर्य ने कहा कि परिषद का संगठनात्मक ढांचा लोकतांत्रिक परंपराओं और सामूहिक नेतृत्व की भावना पर आधारित है। कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर उठकर संगठन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने नवघोषित दायित्ववान कार्यकर्ताओं से अपेक्षा जताई कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेंगे और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

अभ्यास वर्ग के अंतिम दिन उत्तर बिहार प्रांत के विभिन्न विभागों एवं सभी जिलों की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसके बाद नवदायित्व प्राप्त कार्यकर्ताओं का परिचय कराया गया तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन माना जाता है। वर्ष 1949 में स्थापित परिषद का मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” है। परिषद शिक्षा, छात्र हित, व्यक्तित्व विकास, सामाजिक समरसता, सेवा कार्य और राष्ट्र निर्माण के विविध क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाती है। परिषद द्वारा आयोजित अभ्यास वर्ग कार्यकर्ताओं के वैचारिक, बौद्धिक और संगठनात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच माने जाते हैं, जहां उन्हें राष्ट्र जीवन के विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है।

चार दिनों तक चले इस प्रांत अभ्यास वर्ग में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. आशुतोष मांडवी, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक, क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत, पूर्व क्षेत्रीय संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल, क्षेत्रीय छात्रा कार्य प्रमुख डॉ. ममता कुमारी, प्रांत अध्यक्ष विवेकानंद तिवारी, प्रांत मंत्री पुरुषोत्तम कुमार एवं प्रांत संगठन मंत्री राकेश मौर्य सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

वर्ग की सफल व्यवस्था को लेकर सुपौल जिले के वर्तमान एवं पूर्व कार्यकर्ता विगत एक महीने से निरंतर जुटे हुए थे। आवास, भोजन, पंजीकरण, चिकित्सा, अनुशासन, मंच एवं अन्य विभागों की जिम्मेदारियों का निर्वहन कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया। अंत में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ चार दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग का औपचारिक समापन हुआ।

Leave a Comment

[democracy id="1"]