Report: A.K. Chaudhary
दुर्गा पूजा की छुट्टियों से पहले शुक्रवार को सुपौल जिले के राघोपुर स्थित डॉ. राजेंद्र पब्लिक स्कूल में डांडिया एवं दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लेकर पारंपरिक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सवी माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की आराधना और वंदना के साथ हुई। पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने डांडिया और गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डांडिया संगीत की धुन पर विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी नृत्य में भाग लिया। मां दुर्गा के भजनों और पारंपरिक संगीत ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक रोशन कुमार और प्राचार्य राजेश आर्या ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना भी है। दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में आपसी सहयोग, सामूहिकता और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।

वरीय शिक्षिका प्रीति कुमारी सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी आयोजन में भाग लिया और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में संतोष कुमार दास, प्रभुनारायण मेहता, नूतन झा, विकास कुमार, दीपक कुमार, पिंकी कुमारी, अंजलि कुमारी, अंशु कुमारी, रामकुमार, रतन कुमार और आशुतोष कुमार समेत कई शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित रहे।
महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखा गया। रंग-बिरंगी डांडिया स्टिक्स और पारंपरिक परिधानों में बच्चों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को दुर्गा पूजा एवं महानवमी की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही सभी से त्योहार को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की गई।
दुर्गा पूजा की छुट्टियों से पहले शुक्रवार को सुपौल जिले के राघोपुर स्थित डॉ. राजेंद्र पब्लिक स्कूल में डांडिया एवं दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लेकर पारंपरिक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सवी माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की आराधना और वंदना के साथ हुई। पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने डांडिया और गरबा नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डांडिया संगीत की धुन पर विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी नृत्य में भाग लिया। मां दुर्गा के भजनों और पारंपरिक संगीत ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक रोशन कुमार और प्राचार्य राजेश आर्या ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना भी है। दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में आपसी सहयोग, सामूहिकता और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।
वरीय शिक्षिका प्रीति कुमारी सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी आयोजन में भाग लिया और विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में संतोष कुमार दास, प्रभुनारायण मेहता, नूतन झा, विकास कुमार, दीपक कुमार, पिंकी कुमारी, अंजलि कुमारी, अंशु कुमारी, रामकुमार, रतन कुमार और आशुतोष कुमार समेत कई शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उपस्थित रहे।
महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखा गया। रंग-बिरंगी डांडिया स्टिक्स और पारंपरिक परिधानों में बच्चों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को दुर्गा पूजा एवं महानवमी की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही सभी से त्योहार को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की गई।







