सुपौल: गणपतगंज दुर्गा मंदिर में पहली बार चढ़ा 56 भोग, गाजे-बाजे के साथ पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं, भव्य डांडिया में झूमे लोग

Report: A.K. Chaudhary

सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के गणपतगंज बाजार स्थित 152 वर्ष पुराने सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर सप्तमी पूजन के दिन शनिवार को पहली बार माता रानी को 56 भोग अर्पित किया गया। इस विशेष आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी, गणपतगंज से सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गाजे-बाजे के साथ अपने हाथों में 56 भोग लेकर पैदल सार्वजनिक दुर्गा मंदिर पहुंचीं। महिलाओं की इस धार्मिक यात्रा से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

मंदिर पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ माता रानी को 56 भोग अर्पित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में सुबह से ही चहल-पहल बनी रही। महिलाओं की भागीदारी और पारंपरिक तरीके से भोग लेकर मंदिर पहुंचने का दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।

152 साल पुराने मंदिर में पहली बार 56 भोग का आयोजन

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सार्वजनिक दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 152 वर्ष पुराना है। मंदिर की स्थापना के बाद पहली बार इस तरह से सामूहिक रूप में 56 भोग अर्पित करने का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना से जोड़ना है।

सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में एकजुट होकर इस आयोजन में हिस्सा लिया। गाजे-बाजे के साथ राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी से दुर्गा मंदिर तक की यात्रा ने नवरात्र के उत्सव को और खास बना दिया। मंदिर परिसर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को लेकर खुशी जाहिर की।

पहली बार आयोजित हुआ भव्य डांडिया कार्यक्रम

56 भोग अर्पित करने के बाद सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर में भव्य डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गणपतगंज के इस प्राचीन मंदिर में पहली बार डांडिया कार्यक्रम आयोजित होने से स्थानीय लोगों में खासा उत्साह रहा। कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पारंपरिक गीत-संगीत की धुन पर लोगों ने डांडिया खेलकर नवरात्र के उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।

आयोजन समिति के अनुसार, मंदिर के लगभग 152 वर्ष के इतिहास में पहली बार 56 भोग अर्पण और डांडिया जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों के इस मेल ने नवरात्र के उत्सव को नई पहचान दी। स्थानीय लोगों ने भी आयोजन में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

विधि-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने लिया जायजा

नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ और आयोजन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा। शनिवार की संध्या वीरपुर एसडीएम विनय कुमार, एसडीपीओ पवन कुमार और राघोपुर अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया ने सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां की विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।

इस दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा आयोजन के सुचारु संचालन को लेकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर राघोपुर थाने के एसआई सुधीर कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

वहीं, मंदिर समिति की ओर से भी श्रद्धालुओं की सहायता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 50 स्वयंसेवकों (वॉलंटियर) को लगाया गया। स्वयंसेवक मंदिर परिसर में आने वाले लोगों की मदद करने और आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।

धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक आयोजन ने बढ़ाई रौनक

गणपतगंज के सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में इस बार सप्तमी पूजन के अवसर पर आयोजित 56 भोग और डांडिया कार्यक्रम ने नवरात्र उत्सव को विशेष बना दिया। एक ओर जहां श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से माता रानी को भोग अर्पित किया, वहीं दूसरी ओर डांडिया कार्यक्रम के माध्यम से लोगों ने सांस्कृतिक उत्सव में भाग लिया।

मंदिर समिति की पहल और स्थानीय लोगों की सहभागिता से आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपरा की झलक देखने को मिली। पहली बार आयोजित इन कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]