मुख्यमंत्री मत्स्य कल्याण योजना के तहत लाभुकों को वाहन की चाबी वितरित, आय बढ़ाने की पहल तेज

सुपौल में मुख्यमंत्री मत्स्य कल्याण योजना के तहत 5 लाभुकों को मत्स्य परिवहन वाहन की चाबी सौंपी गई। योजना के माध्यम से मछुआरों की आय बढ़ाने और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देने की पहल की गई है।

Report: A.K Chaudhary

मुख्यमंत्री मत्स्य कल्याण योजना के अंतर्गत जिले में मत्स्य व्यवसाय को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मंगलवार को जिला पदाधिकारी सावन कुमार के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत चयनित लाभुकों को मत्स्य परिवहन वाहनों की चाबी वितरित की गई। यह वितरण मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना (मत्स्य परिवहन वाहन योजना) के तहत किया गया।

इस योजना के अंतर्गत थ्री-व्हीलर एवं फोर-व्हीलर (आइस बॉक्स सहित) वाहनों के लिए प्रति इकाई लागत 3.00 लाख रुपये निर्धारित है, जिसमें 50 प्रतिशत यानी 1.50 लाख रुपये अनुदान के रूप में सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य उत्पादों के सुरक्षित एवं त्वरित परिवहन को बढ़ावा देना है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता बनी रहे और मछुआरों की आय में वृद्धि हो सके।

जिले में इस योजना के तहत कुल 11 लाभुकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान चरण में 5 चयनित लाभुकों ने अपना अंशदान संबंधित वाहन एजेंसी को जमा कर दिया है, जिसके बाद उन्हें वाहन उपलब्ध कराने हेतु कार्यादेश जारी किया गया और आज उन्हें वाहन की चाबी सौंपी गई।

इस दौरान जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि इस योजना से मत्स्य उत्पादों के परिवहन में व्यापक सुधार होगा। इससे न केवल मछलियों की गुणवत्ता सुरक्षित रहेगी, बल्कि बाजार तक समय पर पहुंच सुनिश्चित होने से लाभुकों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन मत्स्य व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

जिला प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन से सुपौल जिले में मत्स्य व्यवसाय को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित

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