News Desk Patna:
Anant Singh Political Announcement: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चल रहे मतदान के दौरान राजनीति का एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और मोकामा विधायक अनंत सिंह ने संकेत दिया है कि वे अब सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बना सकते हैं। राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए वे पटना की बेऊर जेल से विशेष अनुमति लेकर विधानसभा पहुंचे थे। मतदान के बाद वापस जेल जाते समय उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आने वाले समय में वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनकी जगह उनके पुत्र राजनीतिक जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि बिहार की राजनीति में नेतृत्व को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही करेंगे। जब उनसे राज्य के अगले मुख्यमंत्री के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह फैसला भी नीतीश कुमार के हाथ में ही होगा। एमपी-एमएलए कोर्ट ने अनंत सिंह को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वे विधानसभा पहुंचे और अपना वोट डाला। वे दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपित हैं और फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद हैं। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में सुबह मतदान प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें पुनः जेल ले जाया गया।

राज्यसभा चुनाव के समीकरणों में अनंत सिंह का वोट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि एनडीए के पांचवें प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कुछ अतिरिक्त मतों की आवश्यकता है, ऐसे में हर एक वोट की अहमियत बढ़ गई है।
मोकामा क्षेत्र में अनंत सिंह को प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने वर्ष 2005 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके बाद 2010 में भी वे दोबारा विधायक चुने गए। उस समय वे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू के साथ जुड़े हुए थे और अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए रखी। हालांकि, वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के साथ मतभेद होने पर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। इसके बावजूद वे मोकामा सीट से जीत हासिल करने में सफल रहे।
साल 2019 में अवैध हथियार और विस्फोटक रखने से जुड़े एक मामले में उनका नाम सामने आया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके चलते वे लंबे समय तक जेल में रहे। बाद में 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी नीलम देवी ने मोकामा सीट से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की और परिवार का राजनीतिक प्रभाव बरकरार रखा।
अनंत सिंह के हालिया बयान से बिहार की राजनीति में नए कयास शुरू हो गए हैं। उनके चुनाव न लड़ने और राजनीतिक विरासत बेटे को सौंपने के संकेत को आने वाले विधानसभा चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, राज्यसभा चुनाव में उनका मतदान भी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला कदम साबित हो सकता है।







