Report: A.K Chaudhary
सशस्त्र सीमा बल की 45वीं बटालियन अंतर्गत G-कंपनी नरपतपट्टी के जवानों ने मानव तस्करी के एक प्रयास को विफल करते हुए चार नाबालिगों सहित पांच लोगों को सुरक्षित बचा लिया। यह कार्रवाई मंगलवार को दोपहर 3:40 बजे भारत-नेपाल सीमा के पास बीपी संख्या 219/30 से भारत की ओर लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर की गई।

बताया गया कि इसकी सूचना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) द्वारा दी गई थी, जिसके आधार पर SSB की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध गतिविधियों को रोककर सभी को अपने संरक्षण में लिया। बचाए गए लोगों में तीन नाबालिग लड़कियां, एक नाबालिग लड़का तथा एक वयस्क युवक शामिल हैं, जो नेपाल के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जाते हैं।

पूछताछ के दौरान नाबालिगों ने बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर जयपुर ले जाया जा रहा था, जहां उनकी तस्करी की आशंका थी। प्रारंभिक जांच में दो मानव तस्करों की पहचान भी की गई है। इनमें से एक आरोपी नेपाल में रहकर भोले-भाले लोगों को रोजगार का लालच देकर फंसाता है, जबकि दूसरा जयपुर में रहकर उन्हें अपने ठिकाने तक पहुंचाने का काम करता है।
कार्रवाई में SSB के एएसआई भारत भूषण, हेड कांस्टेबल कृष्णा, कांस्टेबल ज्योति प्रकाश एवं कांस्टेबल खोमिन बोरो शामिल रहे। वहीं AHTU टीम में एसआई भावना, एएसआई भारत भूषण, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार एवं कांस्टेबल सिंधु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी देते हुए SSB असिस्टेंट कमांडेंट जगेत्तर सिंह ने बताया कि सभी बचाए गए लोगों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है। साथ ही, मानव तस्करी में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस सफल अभियान से सीमा क्षेत्र में सक्रिय मानव तस्करी गिरोहों में हड़कंप मच गया है।







