विरासत सहेजने की अनूठी पहल: सुपौल में मिली 15वीं शताब्दी की दुर्लभ पांडुलिपियाँ, ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत ऐतिहासिक खोज

सुपौल में ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत 15वीं शताब्दी की दुर्लभ संस्कृत एवं मिथिलाक्षर पांडुलिपियों की खोज हुई है। जिलाधिकारी सावन कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में आचार्य धर्मेंद्रनाथ मिश्र द्वारा संरक्षित 500 वर्ष से अधिक पुरानी 10 महत्वपूर्ण पांडुलिपियाँ सामने आई हैं, जो मिथिला की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य प्रमाण हैं।