सुपौल: कल मनाया जाएगा वट सावित्री व्रत, सिमराही बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़, एनएच-27 व एनएच-131 पर लगा भीषण जाम

कल मनाए जाने वाले वट सावित्री व्रत को लेकर सुपौल जिले के सिमराही बाजार में शुक्रवार को खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूजा सामग्री, फल, मिठाई और श्रृंगार सामान की खरीदारी के कारण बाजार में रौनक रही, वहीं एनएच-27 और एनएच-131 पर करीब तीन घंटे तक भीषण जाम लगा रहा।

Report: A.K Chaudhary

सुहागिन महिलाओं के प्रमुख पर्व वट सावित्री व्रत को लेकर शुक्रवार को सुपौल जिले के सिमराही बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बाजार में चहल-पहल शुरू हो गई थी, जो शाम तक जारी रही। फल, मिठाई, पूजा सामग्री, बांस का पंखा, फूल, सिंदूर, चूड़ी, श्रृंगार सामग्री, कपड़े समेत व्रत से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए दुकानों पर महिलाओं और परिवारों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

NH 27 पर लगा जाम

शुक्रवार को सिमराही में साप्ताहिक हाट होने के कारण पहले से ही बाजार में लोगों की आवाजाही अधिक थी। ऐसे में वट सावित्री व्रत की खरीदारी के लिए उमड़ी अतिरिक्त भीड़ ने पूरे बाजार क्षेत्र को पूरी तरह व्यस्त कर दिया। एक तरफ हाट में खरीद-बिक्री का माहौल था, तो दूसरी तरफ व्रत की तैयारियों में जुटी महिलाओं की भीड़ ने बाजार की रौनक को और बढ़ा दिया।

NH 131 पर लगा जाम

भीड़ बढ़ने का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। सिमराही बाजार से गुजरने वाले एनएच-27 और एनएच-131 पर करीब तीन घंटे तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। जाम के कारण राहगीरों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यातायात व्यवस्था संभालते हुए राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय

जाम की सूचना मिलते ही राघोपुर थाना पुलिस मौके पर सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष अमित कुमार राय अपने पुलिस बल के साथ सड़क पर उतरकर यातायात व्यवस्था संभालते नजर आए। पुलिस की मुस्तैदी और लगातार प्रयास के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। इस दौरान पुलिस ने गाड़ियों का चालान भी काटा।

चालान काटते पुलिस

बताया जाता है कि वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और अटूट प्रेम के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।

व्रत के दिन महिलाएं सुबह स्नान कर नए वस्त्र धारण करती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना कर उसके चारों ओर धागा बांधते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसी को लेकर पर्व से एक दिन पहले बाजारों में पूजा सामग्री और श्रृंगार के सामान की खरीदारी को लेकर काफी उत्साह देखा गया।

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