बड़ी खबर: 4 लाख नियोजित शिक्षकों को मिला राज्यकर्मी का दर्जा, नीतीश कैबिनेट की बैठक में 29 एजेंडों पर लगी मुहर

न्यूज डेस्क: पटना में मंगलवार को हुए नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक में 29 एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। जिसमे बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत पौने चार लाख नियोजित शिक्षकों को नववर्ष के पहले बड़ी सौगात मिली है। बता दें कि राज्य सरकार की ओर से नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है। इस प्रस्ताव पर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। राज्य सरकार की ओर से अब नियोजित शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक की जगह सहायक शिक्षक का ही नाम देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पूर्व में तैयार संचिका में आवश्यक बदलाव किया गया। बताया गया है कि पहले से तैयार इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल जाने के बावजूद नियोजित शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत सभी को तीन बार मौका दिया जाएगा।

दो दशक से कर रहे थे राज्यकर्मी दर्जा का नियोजित शिक्षक इंतिजार

जानकारी के अनुसार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को सक्षमता परीक्षा लेने की ज़िम्मेदारी दी जाएगी। बता दें, पिछले दो दशक से नियोजन इकाई से बहाल नियोजित शिक्षक राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए लगातार प्रयासरत थे। सरकार के इस फैसले से बिहार के पौने चार लाख शिक्षकाओं और उनके परिवार वाले न सिर्फ राहत की सांस लेंगे बल्कि उनके नए साल का उत्साह भी परवान पर होगा।

नीतीश कैबिनेट में 29 एजेंडों पर मुहर

बता दें कि नीतीश कैबिनेट में बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 को स्वीकृति मिली है। इस नियमावली के गठन के बाद वर्तमान में पंचायती राज एवं नगर निकाय संस्थान अंतर्गत नियुक्त कार्यरत शिक्षक पुस्तकालय अध्यक्ष भी इस नियमावली की नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से राज्यकर्मी के इस नए संवर्ग में शामिल हो सकेंगे। राज्य में प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के प्रभावी प्रबंधन और शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार होने के बाद राज्य में उचित शैक्षणिक वातावरण का निर्माण हो सकेगा।

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