समृद्धि यात्रा के दौरान बेतिया में बोले नीतीश कुमार, 2025–2030 के लिए बिहार के विकास का एजेंडा रखा

News Desk Patna:

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों राज्यव्यापी समृद्धि यात्रा पर हैं। इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 से 2030 तक के लिए बिहार की विकास दिशा और प्राथमिकताओं को सार्वजनिक रूप से सामने रखा।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार के लिए निर्णायक दौर शुरू हो चुका है और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ठोस योजना के साथ काम करेगी। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में कई क्षेत्रों में आधारभूत काम हुआ है, लेकिन आने वाले पांच वर्षों में विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा।

नीतीश कुमार ने भरोसा जताया कि इस बार केंद्र सरकार का पूरा सहयोग राज्य को मिल रहा है, जिससे बड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारना आसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है और इसके लिए सभी स्तरों पर गंभीर प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2025 से 2030 तक सरकार एक तय कार्यक्रम के अनुसार काम करेगी। इस कार्ययोजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, उद्योग, सड़क, बिजली, पेयजल और सामाजिक न्याय जैसे अहम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर खास ध्यान दिया जाएगा ताकि आम लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।

अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने राजनीतिक एकजुटता और स्थिरता पर भी जोर दिया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि जब लोग इधर-उधर भटकते हैं तो बेवजह की गतिविधियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी लोग एक साथ मिलकर काम करेंगे और जनता को भ्रमित करने वाली बातों से दूर रहना चाहिए।

नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का समग्र विकास है। महिलाओं, युवाओं, किसानों और वंचित तबकों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन सरकार की प्रमुख प्राथमिकता होगी, ताकि युवाओं को अपने राज्य में ही अवसर मिलें और पलायन पर रोक लगे।

सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर मौजूद मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनता से सीधा संवाद करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को लोगों के बीच जाकर यह जानना चाहिए कि सरकार का काम जमीन पर दिख रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहचान उसके कार्यों से होती है, न कि केवल घोषणाओं से।

अपने संबोधन में उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में बिहार में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और औद्योगिक निवेश जैसे क्षेत्रों में बड़े निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और विकास—तीनों को साथ लेकर चलना सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार तभी सफल हो सकती है जब लोगों का भरोसा उसके साथ हो। उन्होंने बताया कि समृद्धि यात्रा का उद्देश्य सिर्फ योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि जनता से संवाद स्थापित करना और उनके सुझावों को सुनना भी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से बिहार आने वाले वर्षों में विकास की नई मिसाल पेश करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[democracy id="1"]