मतदाता सूची जांच के विरोध में सुपौल में बिहार बंद का व्यापक असर, सड़क से लेकर रेलवे ट्रैक तक जाम

न्यूज डेस्क सुपौल:

बिहार में सरकार द्वारा मतदाता सूची में जांच कराये जाने के विरोध में इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन द्वारा बुधवार को बुलाए गए बिहार बंद का सुपौल जिले में व्यापक असर देखा गया। जिले भर में बंद समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर बाजार बंद करवाए और जगह-जगह चक्का जाम किया। इस दौरान आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और यातायात व्यवस्था चरमरा गई।

सुबह से ही इंडी गठबंधन के कार्यकर्ता सुपौल, सिमराही, पिपरा, सरायगढ़, भीमपुर समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों मुख्यालय में सड़क पर उतर आए। उन्होंने घूम-घूम कर दुकानों को बंद कराया और प्रमुख सड़कों पर जाम लगा दिया। इसके कारण बाजार पूरी तरह बंद रहे और आम लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर राहगीरों और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी।

रेलवे ट्रैक पर भी हुआ प्रदर्शन

सदर बाजार के लोहिया चौक स्थित रेलवे ढाला के समीप कुछ प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर उतर आए और कुछ देर तक रेल परिचालन को बाधित किया। हालांकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से उन्हें समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया गया, जिसके बाद रेल सेवाएं बहाल की गईं। इस दौरान कुछ समय के लिए ट्रेन परिचालन प्रभावित रहा।

NH-27 और NH-106 पर लंबा जाम

सिमराही बाजार के जेपी चौक पर एनएच-27 और एनएच-106 क्रॉसिंग को बंद समर्थकों ने जाम कर दिया, जिससे हाईवे पर करीब 2 घंटे तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान समर्थकों ने बिहार व केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। समर्थक सुबह 8 बजे से ही सड़क पर बंदी को लेकर सड़क पर उतर आए।

प्रदर्शनकारियों ने लगाए सरकार विरोधी नारे

प्रदर्शन में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में व्यापक रूप से गड़बड़ी की जा रही है, जिससे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा होता है। उनका कहना था कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती और गड़बड़ियों को ठीक नहीं किया जाता, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

शांतिपूर्ण रहा आंदोलन, भारी पुलिस बल तैनात

बिहार बंद को देखते हुए जिले के सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन की सतर्कता के चलते अब तक किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और इसका व्यापक असर दिखने को मिला।

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