Report: A.K Chaudhary
सुपौल जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है तथा आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
जिलाधिकारी सावन कुमार ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर लेने से बचें। उन्होंने बताया कि जिले में इंडेन की 26, एचपी की 16 और भारत गैस की 9 एजेंसियां कार्यरत हैं। इस प्रकार कुल 51 गैस एजेंसियों के माध्यम से 5,10,823 उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस आपूर्ति की जा रही है। संबंधित गैस मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जिले में प्रतिदिन लगभग 5,900 एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस एजेंसियों द्वारा समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार, उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आपूर्ति और वितरण प्रणाली की सतत निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण करने और वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
जिला स्तरीय संयुक्त आदेश के तहत प्रखंड स्तर पर एलपीजी सिलेंडरों के उठाव और वितरण की निगरानी के लिए दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, थाना अध्यक्ष एवं अन्य संबंधित अधिकारी निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण पर रोक लगाई जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कुछ स्थानों पर अफवाहों और अचानक बढ़ी मांग के कारण अस्थायी रूप से गैस सिलेंडरों का स्टॉक समाप्त होने की स्थिति बन रही है। कई उपभोक्ता जरूरत से अधिक सिलेंडर लेने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि बॉटलिंग प्लांट से लगातार हो रही आपूर्ति के कारण स्थिति शीघ्र सामान्य हो जा रही है और यह कोई स्थायी समस्या नहीं है।
अनियमितता के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए राघोपुर प्रखंड के बौराहा स्थित मेसर्स रत्ना इंडेन ग्रामीण वितरक के गोदाम में गड़बड़ी पाए जाने पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा गोदाम को सील कर दिया गया है। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है।
प्रतिनियुक्त अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 42 एजेंसियों पर वर्तमान में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि शेष 9 एजेंसियों पर भी शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वर्तमान स्टॉक और नियमित आपूर्ति के आधार पर जिले में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है तथा किसी भी प्रकार के आपूर्ति संकट की संभावना नहीं है।
कालाबाजारी और अवैध भंडारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की है। यदि कोई व्यक्ति या गैस एजेंसी निर्धारित दर से अधिक कीमत पर सिलेंडर बेचते हुए या अवैध रूप से भंडारण करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष निगरानी टीमों का गठन कर विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी और जांच की जा रही है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06473-224005 पर आम नागरिक गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
बताया गया कि अब तक नियंत्रण कक्ष में 12 शिकायतें एवं सूचनात्मक कॉल प्राप्त हुए हैं, जिनका निष्पादन कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने पुनः स्पष्ट किया है कि सुपौल जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। आम जनता से अपील की गई है कि वे जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार करें, अफवाहों से बचें, अनावश्यक भंडारण न करें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।







